संगोष्ठी की शुरूआत मुख्य अतिथि मिश्र व जिला संयोजक मनोज कुमार सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की। बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर मिश्र ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है। बच्चों को कलम की शिक्षा देने का अधिकार शिक्षक के अलावा किसी को नहीं है। शिक्षक को अन्य बेगारी कार्यों से हटाकर यदि पूरी तरह से शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जाए, तो विद्यालयों की दशा कुछ और होगी। इस अवसर पर मनोज कुमार सिंह, अजयपाल यादव, मुन्ने नवी, विनेश शर्मा, सन्तोष सक्सेना, जगपाल सिंह, मोहम्मद अफसर, अरुण जौहरी, पूनम सक्सेना, मधुपलता, वर्षा, बिंदु, गीता, मंजू, चंचल, पंकज, सरोज, महीपाल, शालिनी मौजूद रहीं।
इधर, बीआरसी, आसफपुर पर प्रदेश अध्यक्ष के काफिले का इंतजार कर रहे शिक्षकों ने स्वागत किया। यहां मिश्र ने कहा कि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण पुरानी पेंशन, मृतक आश्रित नियुक्ति, एमडीएम में दूध, 17140 आदि शिक्षकों की समस्याएं जो कि वर्षों से लंबित हैं, उनको शीघ्र शासन स्तर पर उठाया जाएगा। आयोजक सचिन कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता जगदीश चंद्र गुप्ता व संचालन मनोज तोमर ने किया। इस अवसर पर महेश पाठक, मलखान सिंह, वीरपाल सिंह, हरिओम शर्मा, लक्ष्मन प्रसाद, रामनरायन, नरेश चंद्र रस्तोगी, संगीता यादव, प्रमिला सिंह, राकेश शर्मा मौजूद रहे।