बदायूं। माध्यमिक के संस्कृत विद्यालयों में अगर नियमित कक्षाएं संचालित होते नहीं मिलीं तो शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे, जिस विद्यालय में कक्षाएं चलती नहीं मिलेंगी उनके शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
वर्तमान में जनपद में छह संस्कृत विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से प्रत्येक विद्यालय में करीब 15 से 20 या 25 बच्चे पंजीकृत हैं। केवल उझानी के संस्कृत विद्या मंदिर में ही 31 बच्चे हैं। संस्कृत विद्यालयों में वैसे ही बच्चों की कमी है जो बच्चे हैं वहां भी उन्हें शिक्षक पढ़ाने में रुचि नहीं दिखाते। इसलिए विद्यार्थियों का रुझान संस्कृत के प्रति कम हो रहा है।
इसको देखते हुए सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। शिक्षकों की मनमानी को रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर कहा है कि संस्कृत कॉलेज में विद्यार्थी प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन वहां जाना मुनासिब नहीं समझते। संस्कृत स्कूलों के विद्यार्थी सिर्फ परीक्षा देने ही स्कूल जाते हैं। वहीं जब परीक्षा परिणाम आता है तो रिजल्ट अच्छा नहीं जाता।
अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। संस्कृत विद्यालय में नियमित कक्षाएं लगें, इसके लिए संस्कृत विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा परिषद के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं चल रही हैं या नहीं इसका जिला विद्यालय निरीक्षक निरीक्षण करें। कक्षाएं कैलेंडर के अनुसार चलती न मिलने पर संबंधित कॉलेज के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करें। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवेश कुमार ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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संस्कृत विद्यालयों में बच्चों की स्थिति
विद्यालय का नाम विद्यार्थियों की संख्या
हिंदी संस्कृत धार्मिक पाठशाला गरुरैया 22
महात्मा गांधी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय बिसौली 19
नेहरू स्मारक संस्कृत माध्यमिक विद्यालय हत्सा 18
संस्कृत विद्या मंदिर उझानी 31
आर्ष गुरुकुल संस्कृत माध्यमिक विद्यालय भदरौलिया 23
संस्कृत विद्यालय इस्लामनगर 24