बदायूं। शिवांशु गौतम का हत्यारोपी शनि उसका गहरा दोस्त था। दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना भी था। वह एक साथ कोजेट कंपनी में काम भी करते थे, लेकिन जैसे ही शनि को पता चला कि शिवांशु की तनु से नजदीकियां बढ़ गईं हैं तो दोनों के बीच में खटास पैदा होती चली गई। नौबत यहां तक आ गई कि उसने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर शिवांशु की हत्या कर दी।
आरिफपुर नवादा निवासी अभिषेक ने बताया कि शिवांशु गौतम उसका छोटा भाई था। वह तीन भाइयों में मझला था। वह नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। पढ़ाई के साथ ही वह कोजेट कंपनी में भी काम कर रहा था। उसके साथ शहर के विजय नगर कॉलोनी निवासी शनि कश्यप भी काम करता था। दोनों में दोस्ती हो गई थी।
अभिषेक ने बताया कि शनि उसके घर पर तीन-चार बार आया था। कई बार उससे भी मुलाकात हुई थी, लेकिन कभी यह अहसास नहीं हुआ कि शनि, शिवांशु की हत्या कर देगा। उन्हें तो पुलिस से पता चला कि शिवांशु की बात प्रेमिका तनु से भी हो रही थी। शायद इसके बारे में शनि जानता था और इसलिए शनि, शिवांशु से रंजिश मानने लगा था।
दोस्त ने किया इन्कार मेरा नहीं था जन्मदिन,
शिवांशु घर पर अपने दोस्त गुरुपुरी विनायक निवासी रमन की जन्मदिन की पार्टी में जाने की बात कहकर निकला था। जब वह दूसरे दिन घर नहीं आया तो परिवार वालों ने रमन से संपर्क किया। रमन ने बताया कि कोई जन्मदिन पार्टी नहीं थी और न ही शिवांशु उसके घर आया। तब परिवार वालों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिवार वालों ने पांच अप्रैल को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
शिवांशु के प्रेम प्रसंग से अनभिज्ञ थे परिवार वाले
शिवांशु के परिवार वालों का कहना है कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि वह तनु नाम की लड़की से भी बात करता था। शिवांशु के भाई अभिषेक का कहना है कि उसे यह पता था कि तनु और शनि का प्रेम प्रसंग चल है। उनके बीच कहीं भी शिवांशु नहीं था। न ही कभी इस तरह की बात सामने आई। वह खुद इस बात से हैरान है कि वह शनि और तनु के बीच में आ रहा था, जिससे उसकी हत्या कर दी गई।
शनि और अजीत के खाते में ट्रांसफर हुए थे 52 हजार रुपये
नोटिफिकेशन के अनुसार, दो अप्रैल की रात शिवांशु के खाते से 52 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। इनमें 50 हजार रुपये शनि के खाते में ट्रांसफर हुए थे और दो हजार रुपये किसी अजीत नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुए। हालांकि एक घंटे बाद अजीत के खाते में भेजे गए रुपये वापस आ गए थे। यह रुपये रात करीब 12 बजे से लेकर एक बजे के बीच में ट्रांसफर किए गए। यह रुपये किन परिस्थितियों में ट्रांसफर हुए थे। शिवांशु को डरा धमकाकर ट्रांसफर कराए गए या फिर उसके मरने के बाद ट्रांसफर हुए, अभी इसका पता नहीं चला है।
ऐसे की गई थी हत्या
शिवांशु की हत्या के मामले में यह भी सामने आया है कि उसकी दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की गई थी और उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था। उसके सिर में गहरा घाव मिला है। छात्र को कपड़े उतारकर रस्सी आदि से बांधा गया था और बाद में उसे बोरी में भरकर झाड़ियों में फेंक दिया गया। दो अप्रैल से शव बोरी में बंद रहने से काफी खराब हो गया था। उसमें कीड़े तक पड़ गए थे।
आरिफपुर नवादा निवासी शिवांशु दो अप्रैल से लापता था। जब उसकी कॉल डिटेल खंगाली गई तो उससे पता चला कि उसकी बात एक लड़की से हुई थी। लड़की की निशानदेही पर युवक का शव बरेली में मढ़ीनाथ के पास झाड़ियों से बरामद हुआ है। हत्या आरोपी तनु और उसके दोस्त शनि कश्यप पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। - आलोक मिश्रा, सीओ सिटी