इस्लामनगर। थाना क्षेत्र के गांव अल्लैहपुर मढ़ैया के किसान महेश का हत्यारा और कोई नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ममता ही थी। ममता ने लोहे की फुंकनी से वार किया। फिर जान निकलने तक पत्थर के सिलबट्टा से सिर कुचला। इसके बाद डकैती और लूटपाट होने का शोर मचा दिया। पुलिस छानबीन महिला अपने बयानों में ही उलझ गई। फिर पुलिस ने घर से लूट की सभी चीजें नकदी समेत बरामद कर लीं। पुलिस ने महिला को जेल भेज दिया है।
ग्राम अल्लैहपुर मढ़ैया में 23 मई की रात घर में सोते समय किसान महेश की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी ममता ने रात करीब 2:30 बजे शोर मचाया था। उसका कहना था कि वह अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी। रात करीब दो बजे उसके घर में पांच-छह बदमाश घुस आए। जब उसकी आंख खुली तो बदमाश उसके पति के सिर पर सरिया से हमला कर रहे थे। यह देखकर उसके होश उड़ गए। वह काफी डर गई थी। इस कारण उसने घर में रखे 40 हजार रुपये और जेवर निकालकर बदमाशों को सौंप दिए थे। उसके बाद बदमाश घर से भाग गए थे।
बाद में उसका शोर शराबा सुनकर मोहल्ले के कई लोग पहुंच गए। उनकी सूचना पर सुबह चार बजे थाना पुलिस भी आ गई थी। मामला लूटपाट के बाद हत्या का था, इस कारण पुलिस ने इसको गंभीरता से लिया। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी और एडीजी पीसी मीना भी मौके पर पहुंचे थे। चार टीमें मामले की छानबीन में लगाई गईं। तमाम लोगों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन कोई भी ग्रामीण यह नहीं बता सका कि उसने गांव में बदमाशों को आते या जाते देखा था। महिला ने ही पूछताछ में कई ऐसी बातें बताईं कि पुलिस को उस पर ही शक होने लगा।
इससे पुलिस ने रविवार को महिला को हिरासत में ले लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की तो महिला टूट गई। महिला ने बताया कि महेश ने करीब 10-12 साल पहले अपना खेत बेचा था। इसके बाद उसने ब्याज का काम शुरू कर दिया। वह जिसको रुपये देता था, फिर उससे वापस नहीं मांगता था। वह जब भी अपने रुपये मांगने की बात कहती थी तो महेश उसके साथ मारपीट करता था। उसका एक व्यक्ति के घर पर ज्यादा आना जाना था। उसने कुछ रुपये भी उधार दे रखे थे।
23 मई की रात 11 बजे तक महेश गांव में बैठा रहा था। जब वह लौटा तो उसने देर से आने का कारण पूछा। इस बात पर उसके साथ मारपीट की। जब वह सो गया तो उसने पहले फुंकनी से सिर पर वार किया। फिर पत्थर का सिलबट्टा उठाकर उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर मारा। इसके कुछ देर बाद महेश की मौत हो गई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर से जेवर और रुपये बरामद कर लिए। सोमवार दोपहर के समय ममता को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कुंडल न लुटने से ठनका था पुलिस का माथा
ममता ने पुलिस को बताया कि जब बदमाश उसके पति को मार रहे थे उसी दौरान उसने अपनी हसली, पाजेब और चांदी के अन्य जेवर समेत 40 हजार रुपये निकालकर बदमाशों को दे दिए थे। उस दौरान वह सोने के कुंडल और कड़े पहने हुए थी। पुलिस ने उससे पूछा कि क्या बदमाशों ने उससे जेवर मांगे थे तो ममता ने मना कर दिया। उसके कुंडल देखकर पुलिस का माथा ठनका। जब घर में छानबीन की तो सारा सामान व्यवस्थित रखा मिला। कहीं कोई सामान तितर बितर नहीं था। इससे पुलिस को उसी दौरान शक हो गया था।
वादी बनी आरोपी, डकैती की धारा हटी
महेश की हत्या के आरोप में ममता ने ही बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने हत्या और डकैती के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी थी। अब उसी मामले में ममता आरोपी बन गई। पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए विवेचना शुरू कर दी है। इसकी छानबीन के दौरान डकैती का मामला नहीं निकला। केवल यह हत्या का मामला निकला। इससे पुलिस ने डकैती की धारा हटा दी है। इसमें हत्या, जेवरात घर में छिपाना और पुलिस को झूठी सूचना देने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
बाइक के शॉकर से बनाई गई थी फुंकनी, दो बार मारा सिलबट्टा
पुलिस ने महेश के घर से जो फुंकनी बरामद की है वह बाइक के शॉकर से बनाई गई थी। उसका वजन भी ज्यादा है। उसने कितनी बार फुंकनी मारी, यह महिला को भी जानकारी नहीं, लेकिन वह बता रही है कि उसने सिलबट्टा दो बार मारा था, जिससे महेश के कान और नाक से खून निकल आया था। इससे वह समझ गई थी कि महेश की मौत हो चुकी है।
मां को जेल, पिता की जान गई अब बेसहारा हो गए बच्चे
बदायूं। महेश के दो बच्चे हैं। उनमें छह साल का बेटा साजन और चार साल की बेटी रिचा है। पिता की हत्या हो चुकी है और मां ममता जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। अब उनका कोई पालन-पाेषण करने वाला नहीं है। हालांकि महेश का बड़ा भाई उदयवीर है। फिलहाल दोनों बच्चे उसी के घर पर हैं। गांव के लोगों ने बताया कि महेश और ममता की जिंदगी सामान्य तरीके से नहीं चल रही थी। वह एक-दूसरे पर शक करते थे। ममता को महेश के गांव में कहीं बैठने जाने को लेकर शक था। वहीं महेश भी उस पर शक करता था, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। कई साल से उनके बीच विवाद हो रहा था। इसी वजह से उनका परिवार तबाह हो गया। संवाद
इस्लामनगर के अल्लैहपुर मढ़ैया में महेश की हत्या उसकी पत्नी ममता ने ही की थी। महेश ब्याज पर रुपये उठाता था। रुपये के हिसाब को लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। तंग आकर ममता ने महेश की हत्या कर दी और फर्जी डकैती की कहानी रच दी। महिला को जेल भेज दिया गया है।- आलोक प्रियदर्शी, एसएसपी
जेल जाने से पहले कई बार रोई ममता, बोली- गुस्से में हो गई हत्या
बदायूं। पुलिस के कब्जे में आने के बाद जब अनपढ़ ममता को पता लगा कि अब जेल जाना है तो सबसे पहले अपने बच्चों को परिजनों के जरिए थाने बुलाया। उन्हें प्यार से दुलारा और कपड़े आदि दिलवाने के लिए परिजन तथा पुलिस से कहा। बच्चों के लिए नए कपड़े दिलाए गए। फिर ममता ने थानाध्यक्ष से पूछा कि क्या वह जेल जाने के बाद अपने बच्चों से मिल पाएगी।
थाना प्रभारी ने कहा कि परिजनों के साथ बच्चे भी मिल सकते हैं। जेल से फोन पर बातचीत हो सकती है, इसके बाद उनसे अपने जेठ का मोबाइल नंबर एक कागज में लिखकर लिया। थानाध्यक्ष का भी नंबर लिया। जब उससे पूछा गया कि जब बच्चों से इतना ही प्यार था तो पति की हत्या क्यों की। ममता बोली कि पल भर का गुस्सा अब उसकी जान के लिए मुसीबत बन गया। उसे हत्या का अफसोस है। संवाद
इस्लामनगर थाने में पुलिस हिरासत में हत्यारोपी महिला।स्रोत-पुलिस