बदायूं। आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को 13 साल पुराने मामले में त्वरित न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने आठ साल की सज़ा सुनाई है। साथ ही 27 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम रोशन नगर निवासी त्रिभान सिंह ने एक रिपोर्ट थाना इस्लामनगर पर 30 अप्रैल 2011 को दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया था कि बेटी छोटी उर्फ कमलेश की शादी 2004 जून में सिठोली ग्राम के राजेश पुत्र ऐदल सिंह के साथ की थी। अपनी हैसियत से बढ़ कर शादी में रुपया खर्च किया था।
मोटर साइकिल के साथ दान-दहेज दिया था, लेकिन दामाद राजेश, राजेश की मां शकुंतला देवी व पिता ऐदल सिंह संतुष्ट नहीं हुए। अतिरिक्त दहेज के रूप में एक कार की मांग करते थे। न देने पर तीस अप्रैल को दामाद राजेश उसकी मां व पिता ने दवाई के रूप में उनकी बेटी को जहर दे दिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। अस्पताल ले जाते समय बेटी की मौत हो गई थी।
पुलिस ने राजेश, शकुंतला और ऐदल सिंह के विरुद्ध केस पंजीकृत करने के बाद विवेचना की। विवेचना करने के उपरांत सभी साक्ष्यों को संकलित करके राजेश के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी ओमपाल कश्यप व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद दोषी पति को आठ वर्ष की सज़ा सुनाई।