बदायूं। लगातार मिल रहीं शिकायतों और महिला व नवजात की मौतों के मामलों को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सभी एमओआईसी (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज) को अपने-अपने क्षेत्रों में अस्पतालों की जांच के निर्देश दिए हैं।निर्देश हैं कि बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल सील कर दिए जाएं।
सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी हाल में बिना पंजीकरण अस्पतालों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई ऐसे अस्पताल सामने आए हैं, जहां न तो मानक के हिसाब से सुविधाएं हैं और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टाफ। बावजूद इसके वहां प्रसव और जटिल इलाज किए जा रहे हैं। इससे मरीजों की जान को खतरा बना रहता है।
निर्देशों के अनुसार, एमओआईसी अपने क्षेत्रों में संचालित सरकारी और निजी अस्पतालों की जांच करेंगे। जांच के दौरान पंजीकरण, डॉक्टरों की योग्यता, उपलब्ध संसाधन, दवाइयों की स्थिति और साफ-सफाई समेत अन्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि किसी अस्पताल में गंभीर खामियां पाई जाती हैं तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिन अस्पतालों का पंजीकरण नहीं है, उनको बिना राहत तुरंत सील किया जाएगा। इसके अलावा संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने यह भी कहा कि आम जनता की सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। महिलाओं और नवजात शिशुओं की मौत के मामलों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जिले में महिला और नवजात की मौत प्राइवेट अस्पतालों में हो रही है। साथ ही शिकायतें मिली हैं कि कई प्राइवेट अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अपंजीकृत अस्पताल सील किए जाएंगे। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ