दातागंज में हिंदी पखवाड़ा के तहत कवि सम्मेलन में जुटे कवि और अतिथि। संवाद
बदायूं। हिंदी पखवाड़ा के तहत दातागंज में कृतिका यूथ डेवलपमेंट एकेडमी की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया गया। मुख्य अतिथि भाजपा नेता शैलेश पाठक रहे। अध्यक्षता ओमेंद्र वर्मा ने की।
उझानी से आए कवि डॉ. गीतम सिंह ने पढ़ा-हिंदी, हिंदुस्तान का दिल है समरसता सिखलाती है, हिंदी हरदम रिश्तों में प्रेम सुधा बरसाती है। षट्वदन शंखधार ने कहा कि सूर, तुलसी, कबीरा, बिहारी की है, यह फकीरी की है राजदारी की है। एक हिंदी जुबां अपनी है दोस्त, बाकी हर एक भाषा उधारी की है। दातागंज के मुकेश कमल ने पढ़ा- हिंदी हिमालय चोटी रहे और गंगा मां नीर चढ़ाती रहें, सागर चरणों के बीच बहे, रसधार में भाषा नहाती रहे। संयोजक राकेश वर्मा ने कहा कि संस्कृत से उद्गम इसका, ऋषियों मुनियों की भाषा। सर्वोपरि यह दुनिया में अपनी हिंदी भाषा। सौरभ हिंदुस्तानी ने पढ़ा, खुशी के पल मिले तो हर कोई साथ चलता है, कोई अपना ही अपनों के दुख बांट लेता है। इसके अलावा केशव सक्सेना, उज्जवल वशिष्ठ, यतेंद्र अंतस, कौस्तुभ सिंह, अवनेश व्याकुल, मनोज तन्हा ने भी अपनी रचनाएं पेश कीं। संचालन पवन शंखधार ने किया। कौशिक सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया। राकेश वर्मा ने सभी कवियों को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया।