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Budaun News: घरों की छतों के पास झूल रही हाईटेंशन लाइन

Sun, 20 Sep 2026 01:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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अंश के पिता रवि राघव। संवाद
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इस्लामनगर। गांव फिरोजपुर गवराह में विद्युत निगम की लापरवाही ग्रामीणों के लिए जानलेवा बन रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। गांव में कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन के तार घरों की छतों और छज्जों के बेहद करीब से झूल रहे हैं। इससे ग्रामीणों को हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। कई बार ग्रामीण तारों को शिफ्ट कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि और न ही विद्युत निगम के स्तर से कोई कवायद हुई। एक्सईएन नरेंद्र चौधरी कह रहे हैं कि शिफ्ट करने की अनुमति नहीं मिल रही है।
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ग्रामीण जाकिर ने बताया कि गांव में रुदायन फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। हाईटेंशन लाइन पूरे गांव में गलियों के बीच से गुजर रही है। कई जगह तार इतने नीचे झूल रहे हैं कि वह मकानों की छतों और छज्जों के पास पहुंच गए हैं। लाइन में अक्सर करंट उतरने और तारों से हादसे होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कई बार बंदरों और पशुओं की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार को भी बंदर के पीछे भागने के कारण छात्र के तारों के संपर्क में आने से हादसा हो गया। समस्या की शिकायत विद्युत निगम के कर्मचारियों से कई बार की गई, लेकिन लाइनमैन मौके पर पहुंचकर तारों को ठीक नहीं करते।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि करीब चार साल पहले गांव में बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन लाइन को सुरक्षित तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया।

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स्कूल पहुंच जाता तो अंश जीवित होता
फोटो- 34
अंश की मौत के बाद गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। पूरा गांव रवि के इकलौते बेटे की मौत के बाद उनके घर पर एकत्र हुआ। घर के बाहर ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि अगर अंश स्कूल जाते समय आधे रास्ते से लौटकर नहीं आता और स्कूल चला जाता तो शायद ये हादसा होने से बच जाता।
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मेरे इकलौते भाई को क्यों छीन लिया भगवान
फोटो- 36
इकलौते बेटे और भाई की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची हुई है। मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हुआ है। बहन सोनाक्षी बार-बार रोते हुए चिल्लाकर भगवान से कह रही थी कि भगवान आप ने मेरे इकलौते भाई को क्यों छीन लिया। दिनभर गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार की महिलाओं को सांत्वना देती रहीं।
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परिजन नहीं चाहते कोई कार्रवाई, पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ
- परिवार के लोगों ने अंश का पोस्टमाॅर्टम कराने से इन्कार दिया। घटना के बाद दोपहर को इस्लामनगर पुलिस पहुंची, लेकिन परिजनों ने कह दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। शाम को परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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बंदरों के हमले से बिल्सी क्षेत्र में हो चुकी है चार मौतें
बिल्सी। तहसील क्षेत्र में इस साल बंदरों के हमले और उनसे बचने के दौरान हुए हादसों में चार लोगों की मौत सामने आई है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में बंदरों के आतंक को लेकर चिंता बढ़ गई है। नौ मई को रायपुर बुजुर्ग गांव में 17 वर्षीय इंटर की छात्रा राधा बंदर के दौड़ाने पर छत से नीचे गिर गई थी। गंभीर चोट लगने के बाद सीएचसी बिल्सी ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 28 अगस्त को गुधनी गांव की 31 वर्षीय रानी की बंदर के काटने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। 11 अगस्त को बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर कई जगह काटकर घायल किया था। नौ सितंबर को कुंदावली गांव के 42 वर्षीय सरबजीत की बंदरों के हमले के बाद छत से गिरने से घायल होने के नौवें दिन मौत हो गई। घटना 31 अगस्त की रात की बताई गई है। 16 सितंबर को दिधौनी गांव में 74 वर्षीय राजेंद्र पाल को बंदरों के झुंड ने धक्का दे दिया। सीढ़ियों से आंगन में गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोट लगी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। संवाद

अंश के पिता रवि राघव। संवाद

अंश के पिता रवि राघव। संवाद

अंश के पिता रवि राघव। संवाद

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