फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाई टेंप्रेचर करेगा गेहूं-सरसों के दाने कमजोर

Sat, 27 Feb 2016 07:31 PM IST
उझानी (बदायूं)।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दिनों बूंदाबांदी से खिले गेहूं और सरसों उत्पादकों के चेहरे पर रौनक ज्यादा वक्त तक नहीं रह पाई। अचानक ही तापमान में वृद्धि ने खेतों में नमी कम कर दी है। इसका सीधा असर गेहूं और सरसों की फसल पर पड़ेगा। दाने भी कमजोर होने लगे हैं।
विज्ञापन

पकने के करीब पहुंची गेहूं और सरसों के लिए इस वक्त का तापमान बहुत ही प्रतिकूल बना हुआ है। तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया है। चूंकि गेहूं की फसल पिछेती रही है, ऐसे में उसे 20-22 डिग्री तक तापमान फायदेमंद साबित होता। गेहूं और सरसों की फसल में दाने पड़ चुके हैं। अधिक तापमान की वजह से दानों को जरूरी नमी नहीं मिल पाएगी। दाने मजबूत होने की बजाय कमजोर होते जाएंगे। उत्पादन भी कम रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले दिनों बूंदाबांदी से फसलों को फायदा नहीं मिल पाया था। दो या तीन दिन तक बूंदाबांदी हो जाती तो गेहूं और सरसों की फसल में हरियाली बरकरार रहती। सब्जी फसलों में हालांकि कोई खास नुकसान नहीं है। वैसे, काश्तकार अगर कम हवा के दिनों में गेहूं की फसल की सिंचाई कर खेत में नमी रखें तो काफी हद तक फायदा मिल सकता है।

अब माहूं उड़ेगी पहाड़ की ओर
गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित करने वाला माहूं कीट इन दिनों व्यस्क अवस्था में पहुंच गया है। उसके पंख लग चुके हैं। खेतों में नमी कम होने पर वह तेजी से उड़ने लगती है। कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि तेेजी से उड़ने वाली माहूं का बसेरा इन दिनों पहाड़ी इलाके में ज्यादा नजर आता है। मैदानी क्षेत्र की माहूं भी पहाड़ की ओर कूच कर जाती है।
विज्ञापन


तापमान बढ़ने से ‘जायद’ को मिलेगा फायदा
जायद की फसलों की बुआई के लिए फरवरी का लास्ट और मार्च महीना का फर्स्ट वीक उपयोगी रहता है। खाली पड़े खेतों में जायद की फसलों में ककड़ी, खरबूज, तरबूज, लौकी और कद्दू की बुआई के लिए अभी से तैयारी कर ली जाए तो ज्यादा फायदेमंद रहेगा। जायद की फसलों में अगेती मक्का की बुआई से बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।
 
खेत-खलिहान के हिसाब से ये दिन ऐसे होते हैं कि जरा सी चूक करने पर भी नफा कम नुकसान की आशंका ज्यादा रहती है। गेहूं की फसल को नमी देने लिए सिंचाई तो करें लेकिन उस वक्त तेज हवा नहीं होनी चाहिए। सिंचाई वाले दिन या अगले दिन तेज हवा चलने पर गेहूं की फसल गिर सकती है।- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें