बदायूं। नीलकंठ महादेव और जामा मस्जिद से जुड़े पुराने वाद में सोमवार को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अक्तूबर की तारीख तय की है। इस मामले में मुख्य सवाल वाद की पोषणीयता यानी अदालत में इसकी सुनवाई की जा सकती है या नहीं इससे जुड़ा है। मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर बहस पूरी होना अभी बाकी है।
यह मामला वर्ष 2022 में अदालत में दायर किया गया था। हिंदू पक्ष की ओर से दावा किया गया कि वर्तमान में जामा मस्जिद के स्थान पर पहले नीलकंठ महादेव मंदिर था। पक्ष की ओर से इस दावे के समर्थन में गजेटियर समेत विभिन्न दस्तावेज और साक्ष्य अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है। दूसरी ओर जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी इस दावे से सहमत नहीं है और वाद की पोषणीयता पर ही सवाल उठाती रही है। मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रोविजंस) एक्ट, 1991 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए तर्क दिए जा रहे हैं। संवाद