फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की नियुक्तियों में बड़ा गडबड़झाला

विज्ञापन
विज्ञापन
घपलों और घोटालों के लिए बदनाम स्वास्थ्य विभाग में अब संविदा पर हुईं नियुक्तियों में गड़बड़झाला सामने आया है। राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एसटीएस पदों के लिए आए आवेदनों में से जिन 200 आवेदनों को निरस्त कर सूची चस्पा करा दी गई थी। इन्हीं आवेदकों में से 29 को बाद में गुपचुप तरीके से बुलाकर इंटरव्यू ले लिए गए। सूत्रों की मानें तो यह सब एक माननीय की दखलअंदाजी के बाद हुआ है। पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। विभाग की इस हरकत से आवेदकों में गुस्सा है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में तकनीशियन और एसटीएस की तैनाती होनी है। इसके लिए विभाग ने आवेदन मांगे थे। अप्रैल 2016 में 200 आवेदन विभिन्न आपत्तियां लगाकर निरस्त कर दिए गए थे। इनकी सूची भी सीएमओ कार्यालय में चस्पा की गई थी। बाद में विभाग ने खेल खेला और निरस्त आवेदनों में से 29 आवेदकों को गुपचुप तरीके से बुलाकर इनके इंटरव्यू ले लिए गए। बाद में इनको ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिए गए। जिन आवेदकों के आवेदन आपत्ति लगाकर निरस्त कर दिए गए थे। बाद में इनको किस आधार पर बुलाया गया और इंटरव्यूट के बाद ज्वाइनिंग लेटर दिए गए। इसका जवाब विभाग के अधिकारियों के पास नहीं है। 
-----
नर्स और एएनएम की नियुक्ति में भी घपला
बदायूं। घपला सिर्फ एसटीएस की नियुक्तियों में नहीं हुआ है नर्स और एएनएम की संविदा पर नियुक्तियों में भी घपना हुआ है। इसकी भी उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। संविदा पर 14 नर्स और 56 एएनएम की नियुक्ति के लिए 24 अप्रैल को इंटरव्यू हुए थे। इसका परिणाम 30 अप्रैल को घोषित होना था। तय समय पर नियुक्ति अभ्यार्थियों की सूची चस्पा न कर नौ जून को सूची चस्पा की गई। गौर करने वाली बात यह है कि मंडल और जिला स्तर के अभ्यार्थियों को तरजीह न देकर पूर्वांचन के 19 अभ्यार्थियों को भर्ती कर लिया गया है। रवि कुमार मिश्रा और हिमांशु नेइसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर कार्रवाई की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
इस बारे में फोन पर कुछ नहीं बता सकता। सिर्फ इतना कह सकता हूं कि कोई घपला नहीं हुआ है। इस तरह की कोई शिकायत भी नहीं मिली है।-सुनील कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें