बदायूं। आरोग्य स्वास्थ्य मेलों की तारीख तो आ गई है, दो दिन के बाद जिले के 43 स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले का आयोजन किया जाएगा, लेकिन दवाओं का इंतजार अभी भी बाकी है। यूपीएमएससी ने गुरुवार देर शाम तक दवाएं नहीं भेजी हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग मेले की तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दे चुका है।
गांवों में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। यहां झोलाछाप का बुरी तरह से मकड़जाल फैला है। जिले में 17 सीएचसी, तीन पीएचसी और 43 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ज्यादातर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। सीएचसी, पीएचसी स्तर में दिन में इलाज मिल जाता है, लेकिन नवीन स्वास्थ्य प्राथमिक केंद्रों पर कोई व्यवस्था नहीं है। पहले शासन स्तर से सीएचसी, पीएचसी पर स्वास्थ्य मेला लगाने का निर्णय लिया गया था। फिर इसमें तब्दीली करते हुए नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रविवार को स्वास्थ्य मेले के आयोजन का फैसला लिया गया। दो फरवरी से मेले का आयोजन शुरू होना है। इधर, मेलों के आयोजन के लिए यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने अब तक दवाएं नहीं भेजी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रिमाइंडर भेजा है। हालांकि, कहा जा रहा है कि शुक्रवार शाम तक दवाएं पहुंचने की उम्मीदें हैं।
यह है दवा आपूर्ति की व्यवस्था
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई का जिम्मा यूपीएमएससी संभाल रहा है। स्वास्थ्य मेला जैसे बड़े आयोजनों के लिए अलग से दवाएं आती हैं। देहात क्षेत्र के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग दवाओं की डिमांड भेजता है, लेकिन कुछ सामान्य दवाएं मसलन बुखार, दर्द, सूजन, बच्चों की बीमारियां आदि की दवाएं जरूरी होती हैं। कई बार समय रहते दवाएं न मिलने पर स्थानीय स्तर पर दवाओं की व्यवस्था की जाती है।
शासन के निर्देश पर दो फरवरी को जिले के सभी नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाना है। स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है। ड्यूटी चार्ट तैयार है। यूपीएमएससी को दवाओं की सप्लाई को रिमाइंडर भेजा गया है। अगर दवाएं नहीं मिलती हैं तो स्थानीय स्तर पर दवाओं की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ