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अभिभावक तैयार...बच्चों के लिए टीके के कवच का इंतजार

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महिला अस्पताल स्थित केंद्र पर टीका लगवाती बालिका। फाइल फोटो - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पांच से 12 वर्ष तक के 80 हजार बच्चों का स्वास्थ्य विभाग ब्योरा जुटा चुका है तो अभिभावकों को अब बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। पांच से 12 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जागरूक अभिभावक भी होमवर्क कर रहे हैं। इधर, शासन ने स्वास्थ्य विभाग को 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण 15 मई से पहले पूरा करने का आदेश दिया है। इसके बाद पांच से 12 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू होना है।
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जिले में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण 16 मार्च से शुरू हुआ था। इस आयु वर्ग में 1.32 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला है। अब तक 88 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 2.19 लाख किशोर-किशोरियों को टीका लगाने के लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत से ज्यादा को टीका लगाया जा चुका है। दूसरे टीके के मामले में 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में प्रगति करीब 53 प्रतिशत है।
अब पांच से 12 वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाना है। शासन की ओर से मिले निर्देशों की माने तो इस आयु वर्ग का टीकाकरण 15 मई से शुरू हो सकता है। दरअसल, शासन ने 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण 15 मई से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ अभिभावक भी बच्चों के टीकाकरण को लेकर संजीदा हैं। अभिभावकों का कहना है कि वे प्राथमिकता के आधार पर बच्चों को टीका लगवाने के साथ लोगों को टीकाकरण को लेकर जागरूक भी करेंगे।
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बच्चों के लिए कवच जरूरी
कोरोना की चौथी लहर संभावित है, बच्चों को टीकाकरण का कवच बेहद जरूरी है। अभिभावकों को चाहिए कि प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं। कोई टीकाकरण से छूटना नहीं चाहिए।
-जगदीश सरन, रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर कस्टम
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टीका लगवाना सभी की जिम्मेदारी
टीका एक जिम्मेदारी है, 12 से 14 आयु वर्ग में अब तक शत प्रतिशत टीकाकरण न होना अभिभावकों की लापरवाही है। बिल्कुल भी लापरवाही न करें। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का मुझे इंतजार है।
- ब्रजेश मिश्रा, रिटायर्ड सार्जेंट वायुसेना
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टीकाकरण समाज की जिम्मेदारी
अभिभावकों, शिक्षकों समेत पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि सभी को टीका लगे। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने वाला है। शिक्षकों की अहम भूमिका होनी चाहिए ताकि बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण हो सके।
-संगीता शर्मा, शिक्षिका
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पूरे परिवार ने लिया कवच
मेरे पूरे परिवार ने टीके का कवच लिया है। बच्चों के टीकाकरण का इंतजार है। कोरोना से टीका ही बचाएगा। बच्चों के टीके को लेकर किसी तरह का कोई भय, भ्रम और संशय अभिभावकों को नहीं रखना चाहिए।
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-नीतू, गृहिणी
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