बदायूं। कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आने से कई लोगों की असमय मौत हो गई। ऐसे में अब लोगों के परिजन से आवेदन लिए जा रहे हैं। इनमें वो लोग भी शामिल हैं, जिन लोगों के बारे में परिवारों ने कोरोना से मौत का दावा किया था पर तब प्रशासन ने तब इसे नहीं माना था। अब ऐसे लोगों के परिजन को भी 50-50 हजार रुपये अनुग्रह सहायता राशि दी जा रही है।
कोरोना काल के दौरान हुए चुनाव को लेकर कई कर्मचारियों ने ड्यूटी करने से मना किया था, लेकिन बाद में प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव प्रक्रिया में शामिल हुए थे। चुनाव वाले दिन एक शिक्षक की मृत्यु हुई थी। जबकि कोविड के संक्रमण की वजह से जिले के दो पीसीएस अधिकारियों, एआर कोऑपिरेटिव समेत कई नागरिकों की भी मृत्यु हुई थी। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से कुछ लोगों को योजना का लाभ दिया गया, हालांकि शिक्षकों का दावा था कि कोविड की वजह से उनके कई साथियों की मृत्यु हुई थी। साथ कई सामान्य लोग असमय काल के गाल में समा गए थे, लेकिन उन लोगों को योजना का लाभ नहीं दिया गया। अब उन सभी लोगों के परिजन से आवेदन मांगे जा रहे हैं। इन सभी लोगों के परिजन को 50-50 हजार रुपये अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी।
शासन से मिले एक करोड़
कोरोना काल के दौरान जिले में कोविड-19 की वजह से जिन लोगों की मौत हुई है। उन सभी के परिजन को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए शासन की तरफ से दो किस्तों में एक करोड़ रुपये जिला प्रशासन को दिए गए हैं, ताकि लोगों अनुग्रह सहायता राशि दी जा सके। इनमें नौ लाख रुपये बांट भी दिए हैं।
64 आवेदन आए
जिले में कोरोना काल के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई है। उनके परिजन से आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद में जिले में 64 आवेदन आ चुके हैं। इनमें से 18 आवेदनकर्ताओं को अनुग्रह सहायता राशि दी जा चुकी है। जबकि 27 आवेदकों के आवेदन जांच के बाद ठीक पाए गए हैं। जल्द ही उनको भी धनराशि दे दी जाएगी। बाकी आवेदनों की जांच की जा रही है।
आवेदनकर्ता से ये मांगे जा रहे हैं अभिलेख
कोरोना के दौरान जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है। उनके परिजन उस व्यक्ति की आरटीपीसीआर पॉजिटिव की रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक खाता, वारिसान आदि की छाया प्रति जमा करेंगे।
कोरोना काल में संक्रमण की वजह से जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है उनके परिजन से आवेदन मांगे गए हैं। उनको 50-50 हजार रुपये अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी। अब तक 18 लोगों को ये धनराशि दी जा चुकी है।
- चंद्रशेखर मिश्रा, कंट्रोल रूम प्रभारी