बदायूं। इस बार सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हें न सिर्फ अपना ध्यान रखना होगा। बल्कि सर्दी से बचाव भी करना होगा। क्योंकि जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है और न ही जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने इस पर विचार किया है। इससे जिले के मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल भागना पड़ रहा है।
हृदय रोगियों के लिए वैसे भी सर्दियों का मौसम प्रतिकूल माना जाता है। क्योंकि इस मौसम में चिकित्सकों के मुताबिक खून गाढ़ा होने लगता है। ठंड जितनी बढ़ेगी, खून उसी प्रकार गाढ़ा होगा, लेकिन प्रतिदिन व्यायाम करने से इसका असर कम होता है। शरीर का तापमान भी ठीक रहता है। इस समय सर्दियां तो नहीं हैं लेकिन इसका आगाज जरूर हो गया है। तराई एरिया या ग्रामीण इलाकों में रात का मौसम काफी नम हो जाता है। रात के समय बाहर लेटना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। इससे लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि इस बार सर्दी भी कड़ाके की पड़ेगी।
आने वाले समय में इस कोरोना संक्रमण को देखते हुए और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगियों के लिए अपना ध्यान रखना होगा।
सर्दियों के मौसम में हृदय रोगी चीनी और नमक का सेवन कम करें। प्रतिदिन आधा किलो हरी सब्जियां खाएं, कम से कम एक घंटा पैदल जरूर चलें। धूम्रपान और शराब का सेवन से बचे। इस कोरोना संक्रमण काल में उन्हें व्यायाम बहुत जरूरी है। व्यायाम से शुगर, तनाव और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां नहीं होती हैं। अपनी जीवनशैली को बदलें। वही असली जीवन है।
- डॉ. शरद कुमार गुप्ता, कार्डियोलॉजिस्ट