उझानी (बदायूं)। कस्बे से सटे गांव नरऊ के लोगों की दूषित पानी पीते रहने से बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। महिला समेत चार लोगों की मौत के बाद शुरू में अफसर सक्रिय दिखे तो उनके मातहत भी मरीजों को मौके पर ही इलाज मुहैया कराते रहे लेकिन तीन-चार दिनों से मोबाइल मेडिकल यूनिट और डॉक्टरों की टीम ने मरीजों से मुंह मोड़ा तो बृहस्पतिवार शाम को महिला समेत दो लोगों की हालत बिगड़ गई। घरवाले देशी इलाज कराने के लिए अब उन्हें लेकर अमरोहा चले गए हैं।
नरऊ में दूषित पानी पीते रहने से बृहस्पतिवार को अमर सिंह (25) और ईश्वरवती (30) पत्नी संजू की अचानक ही तबीयत बिगड़ने लगी। दोनों को पीलिया बताया गया है। घरवालों ने उनका इलाज पिछले दिनों गांव में पहुंची डॉक्टरों की टीम से कराया था लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह में अमर सिंह और ईश्वरवती को उनके घरवाले अमरोहा लेकर चले गए। अमरोहा में पीलिया का देशी इलाज होता है। ईश्वरवती के पति संजू ने बताया कि गांव में पांच-छह दिनों में न तो मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंची है और न ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने मरीजों की हालत पर गौर करने की जरुरत महसूस की। बीमार अमरसिंह के पिता रामपाल की तो चार महीना पहले पीलिया की वजह से ही मौत हो चुकी है।
मरीजों में इसके अलावा खुशबू (12) पुत्री हप्पू सिंह और खेमवती (45) पत्नी सुरेश का परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। घरवाले दोनों को तीन दिन के अंतर से मेडिकल कॉलेज में दिखाने के लिए भी ले जाते हैं। बता दें कि गांव में इस महीने के शुरू में प्रेमपाल, सोनवती और सुखदेवी की मौत के साथ ही चार दर्जन से अधिक मरीज सामने आने पर हड़कंप मच गया था। इसके बाद डीएम और कमिश्नर ने गांव के हालात पर गौर किया था। अफसरों के निर्देश पर मरीजों का गांव में ही इलाज भी शुरू कर दिया गया लेकिन अब अफसरों ने भी गांव की ओर से मुंह मोड लिया है।
ट्रायल में ही जवाब दे गया था अधबना नाला
उझानी। उझानी के नाले का पानी नरऊ के तालाब में पहुंचने से रोकने के लिए 18 फरवरी को कादरचौक रोड किनारे गांव फतेहपुर की ओर नए नाले की खुदाई का काम शुरू हुआ था। ब्लॉक और पालिका अफसरों की ओर से दावा भी किया गया था कि पांच दिन के अंदर नाले की खुदाई पूरी कर पानी छोड़ा जाएगा। नाले की खुदाई तो पूरी नहीं हो पाई है लेकिन चार दिन पहले बतौर ट्रायल अधबने नाले में पानी छोड़ा गया तो उसके एक छोर की मिट्टी की दीवार ढह गई। इसके चलते पालिका कर्मियों ने गंदे पानी का रुख फिर से तालाब की ओर मोड़ दिया था। इसके बाद ही उझानी के नाले का गंदा पानी तालाब में ही पहुंच रहा है।
शुरुआत में लोग बीमार हुए थे। अगर उसके बाद कोई बीमार हो रहा है, तो इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। कम से कम लोगों को सूचना देनी चाहिए कि अभी भी लोग बीमार हो रहे हैं। शनिवार को ही मैं गांव में टीम भेजकर पता कराता हूं। जो भी बीमार होगा, उसका इलाज कराया जाएगा।
- डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
सारा मामला उच्चधिकारियों की जानकारी में है। तालाब के पानी निकासी के लिए प्रयास किया जा रहा है। गांव में किसी के दोबारा बीमार होने की जानकारी नहीं हैं। अगर ऐसा है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेजी जाएगी।
- पारस नाथ मौर्य, एसडीएम सदर