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अस्पताल में कराएं प्रसव, नवजात को पिलाएं मां का दूध

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बदायूं। महिला अस्पताल के सौ शैय्या वार्ड में शनिवार को ‘अनमोल जीवन की शुरुआत नवजात शिशु की देखभाल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवजात की मृत्यु दर कम करने के टिप्स बताए गए। प्रसूताओं को अहम जानकारियां दी गईं।
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शनिवार को सीईएल (कम्युनिटी इंपावरमेंट लैब) लखनऊ टीम की आरती साहू ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नवजात शिशु देखभाल सप्ताह 14 से 21 नवंबर तक चलाया जाएगा। सरकार द्वारा जिले के एमएनसीयू का संज्ञान लिया गया है और इसे जिले का मॉडल माना है। मृत्युदर में कमी लाने के लिए अस्पताल में ही प्रसव कराएं और 48 घंटे तक अस्पताल में रुकें। किसी नवजात को तुरंत नहीं नहलाएं। उसका शरीर पोंछकर नर्म साफ कपड़े पहनाएं। प्रसव के एक घंटे के भीतर नवजात को मां का पहला पीला गाढ़ा दूध ही पिलाना चाहिए। छह माह तक केवल स्तनपान ही कराएं। जन्म के तुरंत बाद वजन कराएं और टीका लगवाएं। नवजात की नाभि सूखी और साफ रखें, संक्रमण से बचाएं। शिशु का तापमान स्थिर रखने के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) विधि जरूर अपनाएं। शिशु जितनी बार चाहे दिन या रात में बार-बार स्तनपान कराएं। नवजात को काजल न लगाएं और कान व नाक में तेल न डालें। उसकी तेल की मालिश कर सकते हैं। कुपोषण और संक्रमण से बचाव के लिए छह माह तक केवल मां का दूध पिलायें, शहद, घुट्टी, पानी आदि न पिलायें।
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