उझानी (बदायूं)। मानकपुर समेत दो गांवों में बुखार से महिला समेत छह लोगों की मौत से क्षेत्र में दहशत का माहौल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात का जायजा लेने के लिए सीएमओ मंजीत सिंह शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे। वहां उन्होंने बुखार से मौतों पर डॉक्टरों से जानकारी की। इसकी भनक लगते ही क्षेत्र पंचायत सदस्य शवाब आलम भी ग्रामीणों की दास्तां सुनाने के लिए सीएचसी पर पहुंच गए। उन्होंने सीएमओ से मानकपुर आकर हकीकत पर गौर करने की गुहार लगाई, लेकिन वह गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेजे जाने की बात कहकर सीएचसी से ही लौट गए।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सीएमओ से कहा कि मानकपुर में बुखार से हालात बेकाबू हो रहे हैं। उन्होंने सीएमओ से स्वयं गांव पहुंच कर वहां की हकीकत देखने का भी अनुरोध किया। इस पर सीएमओ का कहना था कि पहले गलियारों समेत घरों के आसपास के इलाके में सफाई करवाएं। फिर बुखार के मरीजों की संख्या में गिरावट महसूस होने लगेगी।
इसके बाद सीएमओ मंजीत सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण भी किया। जहां फार्मासिस्ट प्रदीप कुमार समेत संविदा के छह कर्मचारी गैर हाजिर मिले। इनमें पांच स्टॉफ नर्सें हैं। रजिस्टर में अनुपस्थिति दर्ज होने की भनक लगते ही वे अस्पताल पहुंची और चिकित्साधीक्षक के सामने हकीकत बयां कर दी। स्टॉफ नर्सों ने बताया कि उनमें दो की ड्यूटी अपराह्न और बाकी की शाम को शुरू होती है। ऐसे में ड्यूटी शुरू होने से पहले कोई भी रजिस्टर पर उपस्थिति पहले कैसे दर्ज कर पाएगा।
डेंटिस्ट से कराई बुखार से मृत लोगों की रिपोर्टिंग
मानकपुर में बृहस्पतिवार को अकील अहमद की मौत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डेंटिस्ट रोहित शर्मा को मौके पर भेजा गया। उन्होंने मृतक के परिजनों से बात कर मौत की वजह को लेकर बात की। मौके पर ही कुछ ग्रामीणों ने यह कहते हुए ऐतराज किया कि गांव में मौत होती जा रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय स्वास्थ्य विभाग के अफसर दूसरे मर्ज के डॉक्टरों को भेजकर रिपोर्टिंग करा लेते हैं। बता दें कि गांव में पिछले महीना जब बुखार के केस सामने आने लगे तो भी ऐसी ही औपचारिकता पूरी कर ली गई थी, लेकिन बाद में बदायूं से तीन बार टीमें पहुंचीं।
कादरचौक में बुखार से मासूम की मौत
बदायूं। कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम रैसी नगला में शुक्रवार को बुखार से एक मासूम की मौत हो गई। इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद परिवार वालों ने बालक के शव को दफन कर दिया।
ग्राम रैसी नगला निवासी विपिन के छह माह के बेटे को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वालों ने गुरुवार सुबह स्थानीय डॉक्टर से दवा दिला दी थी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं आ सका। शुक्रवार को अचानक उसकी हालत फिर से बिगड़ गई। ये देखकर परिवार वाले भी घबरा गए। वे बालक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार वाले शव को अपने गांव ले जाकर दफन कर दिया। संवाद