फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सखानू में फिर पनप रहा बुखार, बीमारियों के बीच में कैसे होगा त्योहार

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं/अलापुर। जगत ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा सखानू में एक बार फिर बुखार जोर पकड़ने लगा है। कई लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यह हाल तब है जब कुछ दिन पहले सखानू में फैले बुखार की चपेट में आकर एक किशोर की सप्ताह भर पहले मौत हो चुकी है। उस दौरान भी कई लोग बुखार से पीड़ित थे। अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सखानूं पहुंच पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया व उन्हें नि:शुल्क दवाइयां वितरित कीं, लेकिन उसके बाद टीम सखानू को भूल गई। परिणाम ये रहा है कि बुखार ने अब दोबारा यहां पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन

सखानू में बुखार करीब एक माह पहले से फैला हुआ है। तब से लोगों में अफरा-तफरी मची हुई है। दर्जनों लोगों का बदायूं जिला अस्पताल से लेकर बरेली के कई अस्पतालों में इलाज चला। कई-कई दिन भर्ती रहे। इसके अलावा स्थानीय झोलाछापों की मौज रही। कस्बे के लोगों ने जगत स्वास्थ्य केंद्र से लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना भी दी थी लेकिन कोई टीम नहीं पहुंची। अमर उजाला ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोली, तब टीम ने जाकर लोगों का चेकअप किया और दवा देकर खानापूर्ति कर ली। उसके बाद टीम ने सखानू की ओर मुड़कर नहीं देखा। इससे बुखार बढ़ता चला गया। परिणाम ये रहा कि एक सप्ताह पहले बुखार से पीड़ित शाहिद (14) पुत्र सखावत की बरेली में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी नहीं चेते। इसके चलते बुखार ने अब फिर पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जिसकी चपेट में तहजीब रजा (55), सफत अली (45), राधेश्याम (45), जमशेद रजा (40), नुसरत (40) व शाहीन (40) समेत कई लोग बीमार पड़े हैं।

हसनपुर को गंदगी ने घेरा, बीमारियों ने डाला डेरा
कुंवरगांव (बदायूं)। सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम हसनपुर में फैली गंदगी से बीमारियों ने डेरा जमा लिया है। इस समय गांव का ऐसा हाल है कि धीरे-धीरे करके लोग बीमार होते जा रहे हैं। मच्छरों की संख्या पहले से ज्यादा है। शाम होते ही मच्छर लोगों पर टूट पड़ते हैं। इससे लोगों का बुरा हाल है।
विज्ञापन

ग्राम हसनपुर निवासी सौरभ पाठक (20) को डेंगू की संभावना के मद्देनजर परिवार वाले उसका बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। वहीं गांव में रामस्नेही (50) पत्नी देशपाल, विकास (15) पुत्र ओमपाल, शोभित कुमार (3) पुत्र जितेंद्र, जितेंद्र (25), विजय कीर्ति (एक साल) पुत्री गजेंद्र, दयाचंद (30), पंकज (18), जयपाल (30), प्रेमपाल (45), मोनिका (10) पुत्री दयाचंद, सोमवती (55) पत्नी गेंदन लाल, कृष्णा देवी (35) पत्नी राजेश, मायावती (55) पत्नी साधुराम आदि बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। इनमें कुछ लोग शहर के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों का बरेली से इलाज चल रहा है। इसकी वजह गांव में फैली गंदगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि गांव में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है। इससे सफाई नहीं हो रही और न ही गांव में छिड़काव किया गया है।

अब तो काफी हद तक बुखार पर कंट्रोल किया जा चुका है। इसके बावजूद कहीं बुखार फैला है तो टीम भेजकर पता कराया जाएगा। उनका तुरंत उपचार होगा और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मैं स्वयं इस पर नजर रखूंगा।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ

मानकपुर में कैंप लगाकर मरीजों का किया इलाज
उझानी। मानकपुर में बुखार से महिला समेत युवक की मौत के बाद गुरुवार को एसीएमओ अनिल शर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम पहुंची। डॉक्टरों ने मौके पर ही बुखार के एक दर्जन मरीजों का इलाज किया।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव मानकपुर में एसीएमओ अनिल शर्मा ने प्रधान और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ उन सभी घरों में लोगों से बात की, जिनके परिजन को पिछले दिनों बुखार आया था। कैंप लगाकर डीएमओ वीके शर्मा, एएमओ संतोष कुमार और फैमिली हेल्थ इंडिया के जिला समन्वयक संतोष भार्गव ने जुकाम और बुखार से पीड़ित करीब 12 महिला, पुरुष और बच्चों का इलाज किया, साथ ही करीब पांच दर्जन घरों और उसके आसपास इलाके में एंटी लार्वा दवा भी डाली गई। बता दें कि पिछले सप्ताह मानकपुर में बुखार के करीब 60 मरीज सामने आए थे। इनमें महिला समेत युवक की मौत भी हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें