कुंवरगांव। स्वास्थ्य विभाग भले बुखार से अब तक जिले में एक भी मौत न होने का दावा कर रहा हो, लेकिन बुखार से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में अलग-अलग गांवों में बुखार से महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई।
जिले में मलेरिया और फैल्सीपेरम का प्रकोप लगातार दो महीने से बना हुआ है। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की तमाम औपचारिकताओं के बावजूद इस पर काबू नहीं हो रहा। डेंगू का खतरा भी गहरा रहा है। क्षेत्र के गांव अहरुइया की 35 वर्षीय पुष्पा पत्नी पूरन को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले निजी डॉक्टर के यहां इलाज करा रहे थे। बुधवार रात पुष्पा की मौत हो गई। वहीं बाबट गांव का 38 वर्षीय शमशुल पुत्र अब्दुल भी कई दिनों से बुखार की चपेट में था। लगातार हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने इलाज के लिए दिल्ली के इंद्रलोक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि अब तक बुखार से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। जांच में दूसरे कारणों से मौत होना सामने आया है।