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जिले में अब डेंगू की दस्तक

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बदायूं। जिले में बुखार से सौ से ज्यादा लोगों की मौत के बाद अब जानलेवा डेंगू ने दस्तक दी है। हालांकि, संक्रामक रोग नियंत्रण सेल का कहना कि डेंगू का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। ककराला के वार्ड नंबर सात की सुखरानी को भी डेंगू की पुष्टि न होने का दावा किया गया है। विभाग सिर्फ मलेरिया और फैल्सीपेरम मलेरिया के प्रकोप की बात स्वीकार कर रहा है।
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ककराला के वार्ड नंबर सात की सुखरानी (50) पत्नी छोटेलाल को परिवार वालों ने रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। निजी लैब में डेंगू की पुष्टि की गई थी। जिला अस्पताल में भी खून की जांच में सुखरानी की प्लेटलेट्स 19 हजार से भी कम निकलीं। इनको डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज चालू कर दिया। इधर, सोमवार को संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की टीम ने अस्पताल पहुंच कर सुखरानी की जांच और बीएचटी की पड़ताल की। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि आमतौर पर यह डेंगू का सीजन नहीं है। अन्य बीमारियों में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। सुखरानी के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में भी सुखरानी को डेंगू होने की पुष्टि नहीं की गई है। इधर, महिला का इलाज कर रहे फिजीशियन डॉ. राजेश वर्मा उसको डेंगू होने की बात कह रहे हैं।

एलाइजा टेस्ट के बाद ही होती है पुष्टि
डेंगू के संदिग्ध मरीजों की डेंगू किट से जांच की जाती है। अगर इसमें डेंगू की पुष्टि होती है तब एलाइजा टेस्ट कराया जाता है। सुखरानी के मामले में अब तक न तो किट से जांच हुई है और न ही एलाइजा टेस्ट कराया गया है। इससे पहले ही डेंगू का इलाज चालू कर दिया गया। भले ही संक्रामक रोग नियंत्रण सेल अब तक डेंगू का एक भी केस सामने न आने का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत अलग ही है।
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