फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग का दावा- जिले में बुखार से एक भी मौत नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जिले में जहां सौ से अधिक बुखार से मौत हो चुकी है, वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि एक भी जान नहीं गई है।
विज्ञापन

तमाम कवायद के बाद भी जिले में बुखार के हालात सामान्य नहीं हो रहे। मलेरिया के साथ जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया का प्रकोप गहराता जा रहा है। इस बीच डेंगू का खतरा भी पैदा हो गया है। ब्लॉक स्तर पर लगातार हेल्थ कैंप लगाए जाने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो रहे।
एक महीने पहले जिले में बुखार का प्रकोप शुरू हुआ था। जगत, समरेर, दातागंज, उसावां ब्लॉक के गांव जानलेवा बुखार के लिए कुख्यात हैं। इसके बावजूद यहां पहले से व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं की गईं। आखिर इन ब्लॉक के गांवों के साथ अन्य कई गांवों में भी बुखार ने दस्तक दे दी। स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की ओर से 20 अगस्त तक के आंकड़े शनिवार को जारी किए गए। आंकड़ों की माने तो जिले में अब तक बुखार पीड़ितों की संख्या एक लाख 18 हजार 718 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग का कहना है कि 12069 लोगों में मलेरिया और 1503 में फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। सीएचसी-पीएचसी पर बेड फुल हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग हालात जल्द सामान्य होने का ही राग अलाप रहा है। भले ही जिले में बुखार का प्रकोप नियंत्रण से बाहर हो गया हो, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब तक बुखार से जिले में एक भी मौत नहीं हुई है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि प्रभावित गांवों में लगातार टीमें कैंप कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुखार प्रभावित गांवों में टीमें लगातार कैंप कर रही हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बुखार से अब तक जिले में कोई मौत नहीं हुई है। पूरी नजर रखी जा रही है। डेंगू को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को भी संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें