सहसवान पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। स्रोत- पुलिस
सहसवान। पुलिस ने आकिल हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। आकिल डेढ़ माह पहले दिल्ली जाने की कहकर घर से निकला था। वह न तो दिल्ली पहुंच सका था और न ही घर लौटा। परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को उसका शव ईख के खेत में क्षत-विक्षत मिलने से सनसनी फैल गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भीकमपुर निवासी आकिल (25) पुत्र मुन्ने खान दिल्ली में रहकर कैंटर चलाते थे। उन्होंने गांव के ही इस्तकार व शावेश को 50 हजार रुपये उधार दे दिए थे। मोहर्रम पर वह घर आया तो उसने दोनों से रुपये मांगे। यह बात उन दोनों को खराब लग गई। आकिल ने रुपये उसके किसी रिश्तेदार के सामने मांग लिए थे और उलटा सीधा भी बोल दिया था। उसी दिन दोनों ने निश्चय कर लिया कि इसको रुपये मांगने लायक ही नहीं छोड़ेंगे।
त्योहार के बाद वह दिल्ली जाने की कहकर घर से निकला तो रास्ते में इस्तकार व शावेश मिल गए। उन्होंने रुपये देने की बात कही और अपने साथ बुलाकर ले गए। आकिल कुछ समझा नहीं सका। वह उनके साथ चला गया। दोनाें ने उसकी हत्या कर शव को ईख के खेत में फेंक दिया और घर लौट गए।
जब वह दिल्ली नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसकी हर जगह तलाश की लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लग सका। 15 सितंबर को परिजनों की तहरीर पर दोनों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। बृहस्पतिवार दोपहर के बाद गांव के लोगों ने ईख के खेत में सड़ा गला शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उसके भाई आदिल ने कपड़ों आदि से उसकी पहचान आकिल के रूप में की। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। कोतवाल राजेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि हत्या का खुलासा करते हुए दोनों हत्यारोपियों को जेल भेजा है।