बदायूं। दामाद हर्षित मिश्रा की हत्या की खबर सुनने के बाद यहां पोस्टमॉर्टम हाउस पर सबसे पहले उनके ससुर व सास पहुंचे। सास रीना मिश्रा ने बताया कि बुधवार को दामाद से उनकी बात हुई थी। तब हर्षित ने अपनी जान को खतरा बताया था।
रीना मिश्रा ने बताया कि इससे पहले वह हर्षित के साथ क्षेत्र के विधायक के पास भी शिकायत लेकर गई थीं। मगर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। विधायक कभी अफसरों की तरफ बोलते रहे तो कभी अजय सिंह की तरफ। रीना मिश्रा बोलीं- सब एक जाति के हैं, सब उनके भाई जैसे हैं। सभी ने मिलकर बेटे को मार दिया।
रीना ने मीडिया को बताया कि सुधीर गुप्ता की जगह ज्वाइन करने के लिए मुंबई से आए अधिकारी बरेली के एक महंगे होटल में रुके हुए थे और हर्षित व इन अफसरों के बीच बीते दो दिनों से आपसी में ही झगड़ा चल रहा था। आरोप है कि हर्षित को अजय प्रताप सिंह का एक साथी भी आकर धमकाता था। कहता था कि उसका कई गैंग के लोगों से संबंध हैं। हर्षित की सास का आरोप है कि जब प्लांट की मीटिंग में पांच लोग मौजूद थे तो दो लोगों को कैसे मार दिया गया जबकि तीन अन्य लोगों को खरोंच तक नहीं आई। बोलीं- आखिर मेरे बच्चे को ही क्यों मार दिया गया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और बेसुध हो गईं।
हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा ने भी बृहस्पतिवार रात पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर कहा था कि एचपीसीएल के सीजीएम की भी इस हत्याकांड में पूरी भूमिका है। अजय प्रताप सिर्फ एक छोटा प्यादा है।
आरोपी अजय प्रताप सिंह।