हर-हर गंगे के उद्घोष से गूंजा तट
पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को कछला गंगा घाट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी में डुबकी लगाई। मंगल गीत गाकर गंगा मां की पूजा और आरती की। अपराह्न तक गंगा घाट हर-हर गंगे के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
कड़कड़ाती ठंड और शीतहवाएं भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकीं। भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला गंगा घाट की ओर उमड़ना शुरू हो गया। बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं और पुरूषों ने स्नान किया। शिवभक्तों की टोली ने घाट पर भजन गाए। मौसम ने भी श्रद्धालुओं का साथ दिया। धूप खिली रही, लेकिन शीत लहरों के चलते गलन भी खूब रही। दूर दराज से पह़ुंचे गंगा भक्तों ने शाम तक स्नान किया। गंगा घाट पर भागवत कथा भी प्रारंभ हुई। अटेना घाट पर भी आस्था की डुबकी लगाई।
जाम के झाम ने किया बेहाल
कछला। गंगा घाट पर उमड़ी भीड़ के चलते पुल पर जाम की स्थिति बनी रहीं। बसों, ट्रकों, कारों की कतारें लगी रहीं। रेंग-रेंग कर वाहन बढ़ते रहे। चौकी इंचार्ज सुभाष यादव के नेतृत्व में जहां सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। वहीं जाम खुलवाकर लोगों को निजात दिलाई।
गंगा घाट पर रही गंदगी
कछला। गंगा घाट पर जहां भक्तों को गंदगी से भी दो चार होना पड़ा। चारों तरफ गंदगी का ढेर लगे रहे। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वह हर बार गंगा स्नान के लिए आते हैं, गंदगी से पटा हुआ गंगा घाट मिलता है। स्थानीय लोगों ने भी इस पर रोष जताया।