बदायूं। स्वास्थ्य विभाग कुछ न कुछ कारनामे करता रहता है। यहां पर डॉक्टर सचिवालय में मीटिंग होने का बहाना बनाकर लखनऊ चले जाते हैं, वह भी उस दिन, जब वहां अवकाश होता है। तो कभी डॉक्टर, कर्मचारी बिना अस्पताल जाए भी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर देते हैं। अब इसी कड़ी में एक और कारगुजारी जुड़ गई है। विभाग की ओर से एक पूर्ण रूप से तंदरुस्त व्यक्ति का दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। मजे की बात ये है कि उस व्यक्ति ने कभी इसके लिए आवेदन तक नहीं किया था। शिकायत होने पर जब मामला खुला तो डीएम ने सीएमओ को इसकी जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर देने के निर्देश दिए हैं।
दातागंज में मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में गांव रामनगर निवासी विमल कुमार ने डीएम को एक शिकायती पत्र सौंपा था। विमल ने पत्र के साथ डीएम को एक दिव्यांग प्रमाण पत्र भी दिखाया। उन्होंने डीएम को बताया कि उन्हें कुछ दिन पहले सड़क पर एक प्रमाण पत्र पड़ा मिला। जब उन्होंने उसे देखा तो वह भी चौंक गया। वह उसी के नाम का प्रमाणपत्र था। विमल ने बताया कि पूर्ण स्वस्थ होने की वजह से उन्होंने कभी भी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन नहीं किया और न ही किसी कमेटी के सामने गए। फिर भी उनके नाम का दिव्यांग प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी कर दिया गया, ये उनकी समझ में नहीं आ रहा है। उन्होंने इस प्रमाण पत्र की वास्तविकता की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ही इसकी गहनता से जांच करने के निर्देश सीएमओ को दिए, साथ ही एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट तलब की है।
आखिर किसने बनवाया प्रमाण पत्र
-विमल ने जिस दिव्यांग प्रमाण के बारे में डीएम से शिकायत की, उसमें कई सवाल उठा रहेे है। पहला कि आखिरकार उस प्रमाण पत्र को किसी और ने क्यों बनवाया होगा, क्योंकि उस दिव्यांग प्रमाण पत्र में संबंधित व्यक्ति का फोटो लगता है, जिससे फायदा केवल वही व्यक्ति उठा सका है, जिसका फोटो और नाम पता उस पर अंकित हो और अगर जिस व्यक्ति का फोटो लगा है, वह दिव्यांग है, तो उसे दूसरे के कागजों पर अपना प्रमाण पत्र बनवाने की क्या जरूरत थी। इन सब सवालों के जवाब अभी साफ नहीं है। ये जांच में ही खुलकर सामने आ पाएंगे।
एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया कि शिकायतकर्ता स्वस्थ है, लेकिन उसके नाम पर दिव्यांग प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग ने जारी कर दिया है। शिकायतकर्ता ने इसके लिए कभी आवेदन भी नहीं किया। इस प्रकरण की जांच के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
अभी इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, और न ही कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद इसमें अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ