जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में एडीओ पंचायत की बैठक हुई। इसमें जिला पंचायतराज अधिकारी ने जिले में बढ़ी 153 ग्राम पंचायतों के कारण त्रिस्तरीय पंचायत सदस्यों के क्षेत्र परिसीमन और पदों की संख्या सृजन को दिशा निर्देश दिए। पंचायतराज विभाग से आए निर्देशों के आधार पर जिला पंचायतराज अधिकारी राजेश यादव ने कहा है कि इस कार्य में पारदर्शिता रखी जाए। गूगल मैप से सर्चिंग कर इस नए अभियान को समय सीमा में पूरा करें।
बैठक में डीपीआरओ ने कहा ने एडीओ पंचायत को चेतावनी भी दी है कि अगर त्रिस्तरीय सदस्य पदों के लिए परिसीमन और पद सृजन में गलती पकड़ी जाती है, तो एडीओ पंचायत जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। शासन के निर्देश पर उसकी मंशा के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता से सौंपे गए कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायतों के नए परिसीमन में 153 ग्राम पंचायतों की वृद्धि हो गई है। इसके बाद अब जिले में 885 से बढ़कर 1038 ग्राम पंचायत हो गईं। इसमें अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पदों का सृजन करने को मशक्कत शुरू हो गई है। पंचायतराज विभाग से मिले निर्देशों के बाद बढ़ी हुई ग्राम पंचायतों में जहां प्रधान पदों का नई ग्राम पंचायतों का सृजन स्वत: हो गया है, वहीं ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के लिए क्षेत्र का परिसीमन और पदों की संख्या सृजन में एक बार फिर जिला पंचायत राज विभाग का सहयोग लिया गया है। बैठक में एडीओ पंचायत को दो मार्च तक काम करना है। ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों का इसमें सहयोग लिया जाना है।
बैठक में एडीपीआरओ देवेंद्र सिंह, भारत निर्मल अभियान के जिला समन्वयक जांबाज ने भी इस बैठक में सहयोग के लिए अपनी-अपनी बात रखी।
फैक्ट फाइल
पूर्व में ग्राम पंचायत - 885
नव सृजित पंचायत - 153
कुल पंचायतों की संख्या- 1038