तेरह महीने 11 दिन से बरेली-कासगंज के बीच चल रहे आमान परिवर्तन के काम का जायजा लेने के लिए गुरुवार को पहली बार तीन डिब्बों की स्पेशल ट्रेन से पूर्वोत्तर रेलवे के जनरल मैनेजर राजीव मिश्र बरेली के रामगंगा से स्टेशनों का जायजा लेते हुए बदायूं स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रेल अधिकारियों और रेलवे पुलिस के साथ उन्होंने रेलवे ट्रैक, पार्किंग, हाईमास्ट लाइट, टिकट विंडो, वेटिंग रूम, पीआरएस आदि को देखा और ‘इनकंप्लीट वर्क’ पर नाराजगी जताई।
इसे तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बरेली-कासगंज ट्रैक को संरक्षा के लिहाज से ओके बताया। जीएम के मुताबिक मार्च के पहले सप्ताह में रेलवे संरक्षा आयुक्त बरेली-कासगंज मार्ग का निरीक्षण कर सकते हैं।
जीएम स्पेशल दोपहर 12.29 बजे दातागंज क्रॉसिंग से गुजरी। 12.31 पर बदायूं स्टेशन पर रुकी। जीएम स्टेशन मास्टर कक्ष से इंस्पेक्शन करते हुए सीधे इंट्री गेट पर पहुंचे। निकासी पर लगी खिड़की की जानकारी ली। कहा, टिकट विंडो का विस्तार किया जाए। चालू विंडो के पास वाली विंडो पर पूछताछ खिड़की बनाए पर लगभग सहमति बनी।
पीआरएस सिस्टम ओके रहने के साथ यात्री सुविधा को देखते हुए हाईमास्ट लाइट्स लगवाने के निर्देश दिए। वेटिंग रूम देखकर बोले, यात्रियों के लिए वेटिंग रूम ओके किए जाएं। करीब डेढ़ घंटा बदायूं में गुजारने के बाद दो बजकर एक मिनट पर वह स्पेशल ट्रेन से कासगंज की ओर से चल दिए।
मार्च में पहले दिन से चलेंगी पांच जोड़ी ट्रेन
बदायूं। रेलवे गेस्ट हाउस में जीएम राजीव मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में मार्च में बरेली-कासगंज ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाने की बात कही। बोले, आमान परिवर्तन का काम अंतिम दौर में है। जो रह गया है उसे फरवरी आखिर तक पूरा करा लिया जाएगा। सीआरएस इंस्पेक्शन होते ही ट्रेन का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस दिन से ट्रेन संचालन शुरू होगा, उसी दिन से ट्रैक पर पहले से प्रस्तावित पांच जोड़ी ट्रेन दौड़ना शुरू हो जाएंगी। इसमें तीन जोड़ी लोकल तथा दो जोड़ी लंबे रूट की ट्रेन शामिल हैं। आगरा फोर्ट भी चलेगी। बजट में दो और ट्रेन मिलने की उम्मीद है। मोहम्मदपुर बिहार क्रॉसिंग बंद करने का विरोध कर रहे ग्रामीणों के सवाल पर कहा कि मानवरहित फाटकों को हर हाल में बंद किया जाएगा। ग्रामीणों की समस्या पर जिला प्रशासन के साथ मीटिंग की जाएगी और हल निकाला जाएगा। मानवरहित क्रॉसिंग पर सब-वे की सुविधा दी जा रही है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने आवास विकास क्रॉसिंग बंद नहीं किए जाने की बात कहीं। बताया कि फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा। अन्य सवाल पर जीएम ने कहा कि रेल संचालन में दो पेंच हैं। रामगंगा प्वाइंट पर नार्दन रेलवे (एनआर) से वार्ता की जा रही है। उम्मीद है कि इस पर जल्द हल निकल आएगा।
ट्रेन रुकने पर किसानों ने ज्ञापन सौंपा
बिनावर/बदायूं। रामगंगा से इंस्पेक्शन करते हुए जैसे ही जीएम घटपुरी स्टेशन से निकले तो उन्होंने विवाद की जड़ बन रही मानवरहित क्रॉसिंग का जायजा लिया। ट्रेन रुकते ही पहले से मौजूद सैकड़ों ग्रामीण वहां पहुंच गए और अपनी व्यथा रखी। उन्होंने जीएम को ज्ञापन भी सौंपा। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि वह समपार को किसी भी हाल में बंद नहीं होने देंगे। वहीं जीएम ग्रामीणों की बात सुनकर जिला प्रशासन से वार्ता कर बीच का रास्ता निकालने की बात कहते हुए आगे बढ़ गए।
सीधे दिल्ली के लिए ट्रेन अभी नहीं
बदायूं। आमान परिवर्तन के चल रहे प्रोजेक्ट में भले ही पहाड़ की वादियों से दक्षिण भारत का सफर तय होना शामिल हो लेकिन एक बड़े तबके के लिए दिल्ली का सफर फिर भी सीधे तय नहीं हो सकेगा। ब्राडगेज पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद भी दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को बरेली, हाथरस या फिर मथुरा से ही ट्रेन पकड़नी होगी। बता दें कि करीब 80 प्रतिशत व्यापारी दिल्ली आते-जाते हैं। हालांकि जीएम ने यह जरूर कहा कि ट्रेन संचालन शुरू हो जाए, इसके बाद दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने का विकल्प देखा जाएगा।
‘मन की बात’ नहीं कह पाए उझानी के लोग
उझानी। बृहस्पतिवार करीब सवा दो बजे जीएम स्पेशल यहां पहुंची। इससे पहले ही वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट चुकी थी। जीएम स्पेशल 10 मिनट तक स्टेशन पर रुकने के बाद कासगंज चली गई। इस दौरान महाप्रबंधक के कोच से बाहर नहीं निकलने के कारण तमाम लोग उनसे अपने ‘मन की बात’ नहीं कह पाए।
ज्यादातर लोगों की सोच थी कि महाप्रबंधक से बात होेने पर वह ट्रेनों के सुविधाजनक टाइम टेबल पर सुझाव रखेंगे। सपा नेता राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय उर्फ राजू भूटानी और ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता भी स्टेशन पर सुविधाओं और व्यवस्थाओं के बारे में उन्हें सलाह देना चाहते थे। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव हरीप्रकाश छाबड़ा कहते हैं कि बात होती तो पब्लिक के हक में उन्हें अवगत कराया जाता। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अढौली साइड वाले प्लेटफार्म की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। कई लोग परिसर के बाहर सुलभ शौचालय और पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक की जरूरत बताने के लिए खड़े थे।
स्टेशन परिसर की लाइन नंबर तीन तक पहुंचने के लिए ओवरब्रिज, पार्सल घर, बड़े रूट की ट्रेनों के स्टापेज समेत ठंडे पानी की व्यवस्था कराने के लिए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से ज्ञापन तैयार कराया गया था। व्यापारी नेता जीएम को ज्ञापन देने के लिए जैसे ही कोच खुलवाने के लिए बढ़े, आरपीएफ कर्मी ने उन्हें रोक दिया और जीएम तक ज्ञापन पहुंचा देने की बात कहकर ले लिया। ह्यूमन कल्चर सोसायटी के सचिव रंजीत कश्यप ज्ञापन दे ही नहीं पाए।