झोलाछाप इसी दुकान में करता था इलाज का धंधा। संवाद
बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव ढकपुरा मीरापुर निवासी किशनलाल की बेटी रेनू (22) की झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई। वह स्नातक की छात्रा थी। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पिता किशनलाल ने बताया कि उसकी बेटी रेनू स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। उसको कई दिनों से बुखार आ रहा था। उसका इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार की शाम को उसकी हालत बिगड़ी तो वह गांव के ही एक झोलाछाप के यहां दिखाने को ले गए। आरोप है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने अपनी कार्रवाई पूरी करते हुए जांच शुरू कर दी है।
वहीं झोलाछाप दुकान में ताला लगाकर भाग निकला है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है। देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही से ही गांव-गांव झोलाछाप मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। विभाग कार्रवाई की जगह मोटी रकम लेकर मामले को दबा देते हैं।
- मामले की जानकारी हुई है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। नियमानुसार कार्रवाई होगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
झोलाछाप इसी दुकान में करता था इलाज का धंधा। संवाद
झोलाछाप इसी दुकान में करता था इलाज का धंधा। संवाद