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Budaun News: राजकीय मेडिकल कॉलेज को मिला नया प्रधानाचार्य

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कार्यभार ग्रहण करते प्रधानाचार्य, प्रो. डॉ. शिव कुमार। स्रोत- मेडिकल कॉलेज
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ चिकित्सक एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ. शिव कुमार ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थागत विकास को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया।
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कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. शिव कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाना, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना तथा मरीजों को बेहतर और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य संबंधी नीतियों तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षण एवं चिकित्सकीय गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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नवागत प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि मरीजों का हित सर्वोपरि रहेगा। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, समय पर इलाज और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
प्रो. डॉ. शिव कुमार ने चिकित्सा शिक्षकों और संकाय सदस्यों से भी अपेक्षा जताई कि वे पठन-पाठन के साथ-साथ शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अकादमिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त हो सके और संस्थान की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज हित से जुड़े विषयों, विशेषकर ऑपरेशन थिएटर (ओटी), उपचार व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं में यदि कहीं कोई कमी है तो उसे चिन्हित कर शासन और प्रशासन के संज्ञान में लाया जाएगा। समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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