सिंह ने कहा कि 30,400 करोड़ रुपये चीनी मिलों किसानों का बकाया है। अगर, उन लोगों को देना पड़ जाए तो क्या हालत होगी? कहा कि उन्होंने 1306 करोड़ रुपये ब्याज के देने का आदेश कोर्ट से कराया, लेकिन चीनी मिल फिर भी कोर्ट की अवहेलना कर रही हैं। कहा सरकार माफिक हो तो तत्काल लाभ मिलेगा।अगर माफिक नहीं होगी तो भटकना पड़ेगा। इसीलिए उन्होंने किसान मजदूर पार्टी का गठन किया है।
वीएम सिंह ने किसानों की नब्ज टटोलते हुए कहा कि अब हमारे ही बच्चे खेती नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि खेती घाटे का सौदा होती जा रही है। गन्ना रेट तक मालूम नहीं। प्रतिवर्ष गन्ना मूल्यों की बढ़ोतरी गिनाई जाती है। कहा कि चीनी, शीरा और खोई सबसे कमाने वाली चीनी मिलें कहती हैं कि घाटे में हैं और 240 रुपये का रेट देने से इंकार करते हैं। किसानों को गन्ना मूल्यों का भुगतान तत्काल मिले तो ही लाभ होगा।
सभा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता जमुना सिंह और संचालन जगजीत सिंह ने किया। सभा में जिलाध्यक्ष बृजराज करतार सिंह, चमन सिंह, पप्पू सिंह, मुनेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार रखे।