उझानी (बदायूं)। पिछले दिनों गोशाला के रामलीला मैदान में शुरू साप्ताहिक बुध बाजार पर अब सियासत का साया पड़ गया है। पिछले दो बुधवार को रामलीला मैदान में जिस तरह से ग्राहकों की भीड़ उमड़ी, उसे देख रेडीमेड कपड़ों के व्यापारियों के होश उड़ गए। इसका सीधा असर उनके कारोबार पड़ा तो उन्होंने सोमवार को अफसरों की ओर रुख कर दिया। पुलिस और पालिका के अफसरों को अवगत कराते समय आर्थिक समस्याओं को बयां किया। गुस्साए व्यापारियों ने रोक लगाने की आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है।
गोशाला कमेटी के अधिकार क्षेत्र वाले रामलीला मैदान में बुध बाजार की शुरुआत 20 जनवरी को हुई थी। हाथरस जिले के ठेकेदार के माध्यम से इसे लेकर गोशाला कमेटी, पालिका और पुलिस से एनओसी हासिल कर ली गई थी। गोशाला कमेटी के अध्यक्ष रतन जिंदल की मानें तो एनओसी लेने के बाद ठेकेदार ने तहसील प्रशासन से बाजार लगाने की अनुमति प्राप्त कर ली। पहले बुधवार को हालांकि कोई खास भीड़ नहीं दिखी, लेकिन अगले बुधवार को ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिससे स्थानीय व्यापारियों के होश फाख्ता हो गए। व्यापारियों की ओर से कहा जा रहा है कि इसका सबसे ज्यादा प्रभाव रेडीमेड कपड़ों के दुकानदारों पर पड़ा है। सोमवार को व्यापारियों ने भाजपा नेता किशन चंद्र शर्मा और शंकर गुप्ता के साथ पालिका के निरीक्षक हरीश कुमार और कोतवाली में एसएसआई जयप्रकाश सिंह को ज्ञापन भी दिया। कहा कि बुध बाजार पर रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने शाम को एसडीएम से भी शिकायत की। साथ ही बुध बाजार की अनुमति निरस्त किए जाने की वकालत की।
सस्ता सामान रहा ग्राहक की दस्तक की वजह
उझानी। बुध बाजार को लेकर आम लोगों में दिलचस्पी की मुख्य वजह वहां सस्ते में सामान मिलना बताया जा रहा है। खासकर रेडीमेड कपड़ों के रेट में काफी अंतर सामने आया है। ऐसा नहीं कि बुध बाजार के दुकानदारों को कोई नुकसान रहता हो। मुनाफा तो उनको भी रहा होगा, तभी तो रोजमर्रा इस्तेमाल के सामान की अधिकतर दुकानें ठेकेदार के जरिए रामलीला मैदान में लग गईं। बुध बाजार के सभी दुकानदार बाहरी जिलों के बताए गए हैं।
रामलीला मैदान में बुध बाजार लगाने की एनओसी महज इसलिए दी गई है कि इससे मिलने वाली धनराशि से गोशाला में गोवंश के लिए चारा की व्यवस्था करने में दिक्कत नहीं होगी। अनुमति तो तहसील प्रशासन ने दी है। वह अगर अनुमति निरस्त कर देते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। - रतन जिंदल, अध्यक्ष, गोशाला।
उझानी में बुध बाजार लगाने की अनुमति कब दी गई, या नहीं, इसके बारे में जानकारी की जा रही है। मैं हाल में सदर क्षेत्र में नियुक्त हुआ हूं। व्यापारियों ने भी मुख्यालय पर आकर अपनी समस्या बताई है। हकीकत का पता करके ही अगला कदम उठाया जाएगा। - लालबहादुर सिंह, एसडीएम।