इस बार मानसून से किसान को उम्मीद है। उम्मीद के अनुसार मानसून ठीक-ठाक रहता है और खरीफ की फसल बेहतर होती है तो किसान को जरूर कुछ राहत मिलेगी।
पिछली फसलें न मिल पाने के कारण किसान की कमर टूट चुकी है। ऐसे में मौसम साथ देता रहा तो किसान पिछली आर्थिक मार से उबर सकता है। खरीफ की फसल के लिए सही वक्त पर मानसून आ जाने और जरूरत की बारिश मिल जाने के कारण किसान का काफी पैसा बचा है। आर्थिक रूप से टूटे किसान को कुछ आस बंधी है। किसान खेतों को खरीफ की फसल तैयार करने में जुट गया है। एक बार फिर मौसम से उम्मीद लेकर किसान ने खरीफ की फसल करने को मन से काम किया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले दो-एक दिन में फिर बारिश होने वाली है।
किसानों के लिए वक्त रहते मिलीं मानसूनी सुविधाओं को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह ने उन्हें सलाह दी है। उनके अनुसार अगर, किसान समय का सदुपयोग करेगा तो उसे खरीफ की अच्छी पैदावार मिल जाएगी।