जिला अस्पताल में गंदगी का आलम, मरीज और तीमारदार परेशान
जी हां, ये जो तस्वीरें जिला अस्पताल की बदइंतजामी और गंदगी की है इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां तो आने वाला अच्छा भला आदमी भी बीमार पड़ जाएगा। अस्पताल में न तो साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही तीमारदारों को ढंग से बैठने की। मंगलवार को एमरजेंसी वार्ड से लेकर अंदर तक गंदगी की कई तस्वीरें मिलीं। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं झाडू़ लगाकर साफ-सफाई का संदेश दे रहे है वहीं दूसरे तरफ इस स्वच्छता अभियान को अस्पताल प्रशासन पूरी तरह नजरअंदाज करता नजर आ रहा है।
मंगलवार दोपहर अस्पताल में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे थे। इमरजेंसी वार्ड के एंट्री गेट की दीवार बुरी तरह गुटखे की पीक से लाल थी, पास में डस्टबिन रखा था फिर भी कूड़ा और गंदगी बिखरी हुई थी। जिला अस्पताल के अंदर पहुंचने पर भी ऐसा ही हाल मिला कई जगह दीवारें गुटखे से लाल थी, बाथरूम से बदबू आ रही थी। अस्पताल परिसर में एक तीमारदार ने बताया कि उसका भाई दो दिन से इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। वार्ड में सुबह एक सफाई कर्मचारी आता है, इसके बाद पूरे दिन साफ सफाई व्यवस्था चौपट रहती है।
मरीजों की बढ़ सकती है दिक्कत
अस्पताल में साफ -सफाई न होने से मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है। कूडे़ के ढेर व परिसर में फैली गंदगी पर अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। एक वार्ड में हर बीमारी के मरीज भर्ती है।
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विधायक जी आप क्या कर रहे
पिछले महीने सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता जिला अस्पताल गए थे और निरीक्षक की औपचारिकता निभाकर लौट आए। उसके बाद उन्होंने फिर जिला अस्पताल की स्थिति जानने की कोशिश नहीं की। अगर ऐसा नहीं होता तो जिला अस्पताल की स्थिति ऐसी नहीं होती। लोग विधायक चुनते हैं, इस उम्मीद के साथ कि जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को हल कराएंगे। उनको सुविधाएं मुहैया कराएंगे लेकिन सदर विधायक समस्याओं को इतनी गंभीरता से नहीं ले रहे।
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वर्जन
सफाई व्यवस्था पर में खुद ध्यान दे रही हूं। नियमित साफ-सफाई कराई जाती है। दीवारों पर गंदगी के निशान काफी पुराने है। जल्द दीवारों पर पेंट करवाने का काम शुरू हो जाएगा।
-डॉ. प्रवीना माहेश्वरी, सीएमएस