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गोलमाल: साल 2020 में पुलिया बनाई, 2021 में टेंडर की याद आई

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एप्रोच रोड न बनने के कारण बदहाल पड़ी रोड। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। नगर पालिका में सब गोलमाल है। साल 2020 में पनबड़िया की जो पुलिया बना दी गई, उसका टेंडर एक साल बाद 2021 में किया गया और उसके बाद भी एप्रोच रोड नहीं बनाई गई। ठेकेदार के मुताबिक, पुलिया के काम में एप्रोच रोड शामिल नहीं थी जबकि पालिकाध्यक्ष का कहना है कि ठेकेदार ने पूरा पैसा पुलिया में लगा दिया, अब एप्रोच रोड का दूसरा टेंडर निकाला जाएगा। कुल मिलाकर, हकीकत जो भी हो लेकिन यह सच है कि पालिका और ठेकेदार की खींचतान में जनता पिस रही है।
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पनबड़िया की पुलिया शहर में उस नासूर की तरह है जो समय के साथ-साथ बढ़ता गया। कई सालों से लोग यहां जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। जलभराव भी इतना कि जरा सी बारिश में घुटनों तक पानी पास के विद्युत उपकेंद्र तक में भर जाता था। लोगों ने सैकड़ों बार नगर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल से समस्या के निदान की मांग की लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता से भी गुहार लगाई गई, पर उन्होंने भी इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई।
तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने जनता की परेशानी को देखते हुए ठेकेदार को बुलाकर पुलिया बनवाने की सख्त हिदायत दी। इसके बाद ठेकेदार द्वारा लगभग साढ़े आठ लाख की लागत से पुलिया का निर्माण करा दिया गया, लेकिन एप्रोच रोड नहीं बनवाई गई। यहां खास बात ये रही कि पुलिया का निर्माण तो 2020 में करा दिया गया लेकिन उसका टेंडर जनवरी 2021 में हुआ।
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अब एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे पालिकाध्यक्ष व ठेकेदार
- पुलिया का निर्माण ठेकेदार दीपक वैश्य ने कराया था। उनके अनुसार, उन्होंने डीएम के निर्देश पर पुलिया तो बना दी, लेकिन उनका पैसा फंस गया। साढ़े आठ लाख की यह धनराशि केवल पुलिया निर्माण के लिए थी। पुलिया का टेंडर 2021 में हुआ था, लेकिन उसमें एप्रोच रोड शामिल नहीं थी। अभी भी उन्हें केवल आधा भुगतान ही किया गया है, बाकी पैसा फंसा हुआ है। इससे इतर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल का कहना है कि ठेकेेदार ने पूरी धनराशि पुलिया में लगा दी, अब एप्रोच रोड के लिए दोबारा टेंडर किया जाएगा। उसके बाद ही इसका निर्माण होगा।
सड़क पर होने लगा अतिक्रमण, नाला भी चोक
सड़क ऊबड़खाबड़ होने के कारण लोग इधर से बहुत जरूरत होने पर ही निकलते हैं। इस सड़क पर ही कई कुम्हारों के घर भी हैं जिन्होंने आवागमन ज्यादा न होने का फायदा उठाते हुए अपने मिट्टी के बर्तन आदि सड़क किनारे ही रखने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा एक गारमेंट्स व्यापारी ने तो अपनी दुकान के आगे अस्थायी पार्किंग ही बना ली है, जिसमें कई गाड़ियां हमेशा खड़ी रहती हैं।
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