-बिल्सी के ईंट भट्ठे पर इस घोड़े का लिया गया था सीरम सैंपल
-अश्व अनुसंधान संस्थान की जांच में हुई पुष्टि के बाद खलबली
जिले में एक और घोड़े में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई है। इससे पशु चिकित्सा विभाग में खलबली मची हुई है। विभाग की टीम ने इस घोड़े को दफना दिया है। यह घोड़ा बिल्सी के एक ईंट भट्ठे पर ईंटों और मिट्टी के ढुलाई के काम पर लगाया गया था। इस घोड़े के सीरम के सैंपल की जांच हिसार स्थित अश्व अनुसंधान संस्थान में की गई। वहां से आई रिपोर्ट में ग्लैंडर्स की पुष्टि की गई। अभी और भी कई घोड़ों के सीरम सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है इसलिए खलबली है।
बता दें कि पिछले साल जिले से गए कुछ घोड़ों के सैंपल की जांच में ग्लैंडर्स पाए जाने के बाद से अब तक पशु चिकित्सा विभाग कुल 136 घोड़ों के सैंपल अश्व अनुसंधान संस्थान को भेज चुका है। इनमें से दो महीने पहले जांच होकर आई कुछ सैंपल की रिपोर्ट में से तीन में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अब एक और सैंपल की जांच में ग्लैंडर्स मिला है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार जादौन ने बताया कि जिलाधिकारी की अनुमति से इस घोड़े को यूथेनाइज की प्रक्रिया से मारकर आठ फुट गहरे गड्डे में नमक और फिनायल डाल कर दफना दिया गया है।
पिछले तीन मामलों में बिसौली क्षेत्र के गांव मुड़िया धुरेकी के घोड़ों में ग्लैंडर्स पाया गया था। इस गांव से 10 घोड़ों के सीरम सैंपल लिए गए थे। वहीं, ग्लैंडर्स की पुष्टि के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इंसेट...
ग्लैंडर्स के लक्षण
ग्लैंडर्स से पीड़ित पशु के शरीर में गांठें बनने लगती हैं। आंख से पानी गिरना, शरीर पर फफोले पड़ जाना, यह इस रोग की प्राथमिक पहचान है। बाद में घोड़े की मौत हो जाती है। ग्लैंडर्स एक घोड़े से दूसरे घोड़े में फैलता है।
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कोट....
ग्लैंडर को लेकर जिले में अलर्ट जारी है। इसके तहत बाहर से आने वाले अश्व प्रजाति के पशुओं पर रोक लगा दी गई है। वहीं, अश्व पालकों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. अरुण कुमार जादौन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी