पटपरागंज सेंटर को लेकर पहले से विरोध, कूड़ा निस्तारण पर ब्रेक
नगर पालिका परिषद ने कूड़ा निस्तारण के लिए करीब पांच साल पहले पड़ोसी गांव पटपरागंज में जमीन खरीदने के बाद एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया था। इसके बाद कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के पास मिनी एमआरएफ सेंटर का निर्माण हुआ। मिनी सेंटर में हालांकि कूड़ा निस्तारण चल रहा है, लेकिन पटपरागंज के सेंटर परिसर को लेकर उस इलाके के ग्रामीणों ने पिछले साल विरोध शुरू कर दिया था।
कांग्रेस के नेतृत्व में करीब एक महीना तक धरना भी चला। इसके बाद अधिकारियों ने पटपरागंज सेंटर परिसर में कूड़ा डाले जाने पर रोक लगा दी थी। तब से पालिका के सफाई कर्मियों को कूड़ा लदे वाहन खाली करने के लिए सड़क किनारे भी भटकना पड़ा था।
ईओ मणि जी सैनी ने बताया कि कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के छात्राएं और शिक्षिकाएं बृहस्पतिवार दोपहर में पालिका कार्यालय आई थीं। उन्होंने परिसर के बाहर कूड़े को लेकर दिक्कतें बताई हैं। सेंटर में कूड़ा निस्तारण निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही हो पा रहा है। जल्द ही पटपरागंज का एमआरएफ सेंटर भी शुरू होने वाला है। छात्राओं को दिक्कत नहीं होने देंगे।
दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल
कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डन पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि छात्राओं समेत शिक्षिकाएं पिछले कई महीनों से परेशान हैं। कूड़े में मृत जानवर भी डाल दिए जाते हैं। हवा के झोकों के साथ दुर्गंध विद्यालय तक पहुंचने से छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। बीएसए को भी अवगत कराया जा चुका है। पालिका प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उन्हें छात्राओं के साथ आना पड़ा।