दबतोरी (बदायूं)। प्रेमी की पत्नी को जहरीला पदार्थ खिलाने के लिए उसकी पूर्व प्रेमिका आशा वर्कर बनकर पहुंच गई। समय रहते परिवार के लोगों ने उसे पहचान लिया। जिसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं दी गई है। चौकी प्रभारी कामेश कुमार सिंह ने बताया कि जिस युवती पर विषाक्त खिलाने की कोशिश का आरोप लगाया गया वह मानसिक मंदित है। वहीं जांच में जहर खिलाने की बात भी झूठी पाई गई है।
बिसौली कोतवाली के एक गांव के युवक का गांव की युवती से प्रेम प्रसंग था। फरवरी 2020 में युवक की शादी किसी अन्य युवती से हो गई। इसके बाद भी दोनों के बीच चोरी छिपे मुलाकात होती रहीं। प्रेमी की पत्नी तीन माह की गर्भवती है। आरोप है कि ऐसे में उसकी प्रेमिका ने दवा के बहाने उसे जहरीला पदार्थ खिलाने की कोशिश की। वह आशा वर्कर बनकर गांव पहुंची। पहले तो उसने प्रेमी के घर के आसपास के घरों में लोगों से गर्भवती महिलाओं के होने के संबंधी में पूछताछ की। इसके बाद प्रेमी के घर पहुंची। यहां पता लगा कि घर में तीन माह की गर्भवती है। उसने गर्भवती को दवा पिलाने का दबाव बनाया। मुंह पर मास्क होने से परिवार के लोग पहले तो उसे पहचान नहीं सके। लेकिन कुछ देर बाद युवती की पहचान होने पर परिवार वालों ने पुलिस को सूचित किया। चौकी इंचार्ज कामेश कुमार ने बताया कि विषाक्त खिलाने की बात जांच में झूठी पाई गई है। युवती मानसिक मंदित बताई जा रही है। कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले को लेकर अफवाह ज्यादा उड़ रही हैं।