फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंधी का कहर: बदायूं में झोपड़ी पर ट्रांसफॉर्मर गिरने से भाई-बहन की जान गई, टेंपो पर गिरा पेड़, युवती की मौत

Mon, 15 Jun 2026 08:34 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में सोमवार शाम 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली। इस दौरान जिले में अलग-अलग हुई घटनाओं में भाई-बहन समेत तीन की मौत हो गई। एक युवक घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
विज्ञापन
पेड़ से दबा टेंपो और उसमें सवार युवती। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं में सोमवार शाम आई आंधी-बारिश के दौरान हुए हादसों में सगे भाई-बहन और एक युवती की मौत हो गई। आंधी आने पर हजरतपुर क्षेत्र के जमालपुर में खेत में बनी झोपड़ी में छिपे संतोष के दोनों बच्चों पर ट्यूबवेल का ट्रांसफॉर्मर गिरने से उनकी जान गई। वहीं शहर के गद्दी चौक पर पाकड़ का पेड़ टेंपो पर गिरने से उसमें सवार युवती मौत हो गई और सवार एक अन्य युवक घायल हो गया।

विज्ञापन


जमालपुर निवासी संतोष का बेटा विशेष (11) बहन अनामिका (4) के साथ धान की पौध की रखवाली के लिए खेत पर गया था। आंधी संग बारिश आने पर वे दोनों भीगने से बचने के लिए खेत पर ट्यूबवेल के पास बनी झोंपड़ी में छिप गए। तभी आंधी से ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर झोंपड़ी पर गिर गया और भाई-बहन की उसके नीचे दबकर मौत हो गई।

गद्दी चौक पर पाकड़ का पेड़ टेंपो पर गिर गया। इससे जालंधरी सराय के अहमद अलीम खान की बेटी शबा अलीम (23) और उसहैत के संतोष कुमार (40) दब गए। लोगों ने पेड़ काटा तो युवती और युवक को निकाला जा सका। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने शबा अलीम को मृत घोषित कर दिया, जबकि संतोष को भर्ती कर लिया गया।

विज्ञापन

आंधी में बचने के लिए झोपड़ी में छिपे थे भाई-बहन
दातागंज तहसील क्षेत्र के हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर में सोमवार शाम दर्दनाक हादसे में भाई-बहन की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। तेज आंधी और बारिश से बचने के लिए भाई-बहन झोंपड़ी में छिपे थे। उन्हें क्या मालूम था कि यहां भी उनकी जान पर मय खंभों के ट्रांसफॉर्मर मौत बनकर गिर पड़ेगा। हादसे ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया। संतोष के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जमालपुर गांव निवासी संतोष की 11 वर्षीय बेटी अनामिका और पांच वर्षीय बेटा विशेष खेत में ट्यूबवैल के पास धान की पौध रखा रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब हो गया। तेज आंधी आने के साथ ही बारिश शुरू हो गई। आंधी-बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चे पास में बनी झोंपड़ी में जाकर बैठ गए।

तेज हवा के कारण ट्यूबवेल को चलाने के लिए लगा ट्रांसफॉर्मर मय बिजली के खंभे के साथ उखड़ गया। देखते ही देखते पूरा ढांचा झोंपड़ी पर आ गिरा। भारी ट्रांसफॉर्मर और खंभों के नीचे आकर दोनों बच्चे दब गए। हादसे की आवाज सुन ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया। जब तक ट्रांसफॉर्मर हटाया, तब तक मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। परिवार के लोग बदहवास हो गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। संतोष खेतीबाड़ी के साथ बुकिंग पर कार चलाने का काम करते हैं।
विज्ञापन

हादसे के वक्त कार चालक पिता नहीं थे गांव में
बच्चों के पिता संतोष हादसे के समय गांव में मौजूद नहीं थे। परिवार के लोगों ने उन्हें घटना की सूचना दी तो वह गांव लौटने के लिए रवाना हो गए। गांव वालों का कहना है कि परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती है।

पांच भाइयों में अकेली बहन थी अनामिका
गांव जमालपुर निवासी संतोष के पांच बेटे और एक बेटी है। हादसे ने संतोष की इकलौती बेटी अनामिका को भी छीन लिया। 11 साल के बेटे विशेष के साथ 3 साल की बेटी अनामिका भी धान की पौध की रखवाली करने गए थे। अनामिका सभी भाई बहनों में सबसे छोटी और विशेष चौथे नंबर का था।

दातागंज विधायक बोले- आर्थिक मदद दिलाएंगे
दातागंज विधायक राजीव कुमार भी रात में जमालपुर गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित संतोष राठौर के परिवार से बात की। परिजनों को सांत्वना दी। कहा कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। विधायक ने तुरंत ही मुख्यमंत्री से भी बात की। साथ ही पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें