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‘गर्भकाल से ही होती है  कुपोषण की शुरूआत’

Wed, 30 Mar 2016 11:58 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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कुपोषण - फोटो : अमर उजाला
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समरेर और दातागंज ब्लाक में दिया गया प्रधानों को प्रशिक्षण
 संतुलित आहार न लेने और एनीमिया के कारण गर्भावस्था के दौरान ही बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। गर्भवती को समय-समय पर रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और वजन वृद्धि की नियमित जांच कराते रहना चाहिए। टीकाकरण कराने तथा आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करने से गर्भवती महिलाएं स्वस्थ होंगी, तभी नवजात शिशु भी पूर्ण रूप से स्वस्थ रहेगा।
यह विचार राज्य पोषण मिशन के तहत बुधवार को ब्लाक समरेर एवं दातागंज में आयोजित प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने व्यक्त किए। उन्होंने प्रधानों को कुपोषित होने संबंधी कारणों की जानकारी देते हुए कुपोषण की पहचान और रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपायों और साफ-सफाई रखने, खुले में शौच न जाने पर विशेष बल दिया। मनरेगा योजना, जननी सुरक्षा योजना, 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा तथा श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रधानों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकास की प्रमुख इकाई ग्राम पंचायतें ही हैं। प्रधानों को जब सभी शासकीय योजनाओं की समुचित जानकारी होगी, तभी गांव का पूर्ण विकास हो सकेगा। ब्लाक दातागंज में पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव और अवनीश यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के सहयोग से प्रदेश सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को लाभ मिलेगा।
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प्रधान करें पुष्टाहार वितरण की निगरानी
बदायूं। ब्लाक समरेर में कई प्रधानों द्वारा पुष्टाहार वितरण में बरती जाने वाली अनियमितताओं की शिकायत की तो सीडीओ ने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम तथा सभी सचिव ग्राम प्रधानों से बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को क्रियान्वित करें। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आपेक्षा की कि वह अपनी देखरेख और निगरानी में पुष्टाहार का वितरण कराएं। 
गर्भवती को पका भोजन देने की तैयारी
बदायूं। सीडीओ ने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिए गर्भवती को पका पकाया भोजन देने की तैयारियां शुरू की जाएगी। इस कार्य को अंजाम देने के लिए प्रधानों का सहयोग लिया जाएगा। गर्भावस्था में बच्चे के स्वास्थ को दृष्टिगत रखते हुए संतुलित आहार दिया जाना कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर के आंकड़ों के अनुसार हर तीन में से एक बच्चा कम वजन, हर दो में एक बच्चा बौनेपन से ग्रसित तथा हर दस में एक बच्चा कुपोषण के कारण दुबलेपन का शिकार है। 
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स्कूल चलो अभियान में प्रधानों का सहयोग लें
बदायूं। राज्य पोषण मिशन के अंर्तगत ब्लाक दातागंज एवं समरेर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीडीओ ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, प्रधानों, जिला तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों का सहयोग लिया जाए। छह से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बालक-बालिका का स्कूलों में पंजीकरण कराया जाए।
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