उझानी में क्षतिग्रस्त बरामदे के नीचे जुटे रसोई गैस उपभोक्ता। संवाद
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उझानी। सिलिंडर लेने के लिए गैस एजेंसी के जिस भवन में उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है, उसका लिंटर गिरताऊ हालत में हैं। बावजूद इसके एजेंसी स्वामी इसे सुधरवाने की कोई पहल नहीं कर रहे, जिससे लाइन में लगकर केवाईसी कराने और सिलिंडर लेने आए उपभोक्ताओं की जान को कभी भी खतरा हो सकता है।
इंडेन रसोई गैस का बुकिंग कार्यालय शॉपिंग कॉम्पलेक्स में है। करीब 50 दुकानों वाला मार्केट वर्ष 1978 में बना था। इसके बाद दुकानें क्षतिग्रस्त होने लगीं तो दुकानदारों ने मरम्मत करवा ली, लेकिन क्षतिग्रस्त बरामदे की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। खासकर एजेंसी कार्यालय के सामने और आसपास की दुकानों के बाहर बरामदे की हालत खस्ताहाल होने के साथ गिरताऊ है। इन दिनों केवाईसी और बुकिंग कराने के लिए रसोई गैस उपभोक्ताओं की भीड़ दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। रोजाना पांच-छह सौ की भीड़ जुटने के अनुमान के बीच उपभोक्ताओं की जान पर संकट कायम है।
उपभोक्ता चंद्रपाल और केवाईसी कराने पहुंचीं बहादुरगंज मोहल्ला निवासी शहनाज ने बताता कि भवन काफी जर्जर है। इन दिनों भीड़ भी जुट रही है। बावजूद इसके एजेंसी स्वामी कोई पहल नहीं कर रहे। उन्हें तो मजबूरी में यहां आना पड़ रहा है।
मुख्य द्वार के पास चटक कर गिर चुका है बरामदे का लिंटर
शॉपिंग कॉम्पलेक्स मार्केट की दुर्दशा का हवाला देकर दुकानदार पिछले सालों में भी कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। मार्केट का निर्माण नगर पालिका परिषद ने कराया था। चार महीना पहले मुख्य द्वार के पास क्षतिग्रस्त बरामदे का लिंटर गिर गया था। वह तो गनीमत रही कि लिंटर रात में गिरा, उस वक्त मार्केट में कोई व्यापारिक कोई नहीं खुला था। मार्केट में ग्राहकों की आवाजाही होती तो उनकी जान खतरे में पड़ जाती।
गैस एजेंसी का कार्यालय सालों से इसी परिसर में स्थित है। पिछले दिनों रसोई गैस को लेकर उपभोक्ताओं में किल्लत की अफवाह फैली तो भीड़ बढ़ गई। सामान्य दिनों में यहां उपभोक्ताओं की आवाजाही काफी न के बराबर रहती है। फिर भी लिंटर की मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। - अनूप जैन, इंडेन एजेंसी संचालक