पिछले पांच दशक के रिकार्ड पर जाएं तो जून 2010 सबसे भारी रहा
जून के महीने के आकलन में गंगा में 300 क्यूसेक पानी रह गया
गंगा के जलस्तर पर अब बराबर नजर रखी जा रही है। मई से दिसंबर तक जलस्तर की निगरानी होती है। जून से बाढ़ का समय आ जाता है। इसलिए गंगा के जलस्तर पर इस समय विशेष ध्यान दिया जाता है। बाढ़ खंड ने गंगा की स्थिति पर नजर रखने को और सूचनाओं के आदान-प्रदान को कंट्रोल रूप भी खोल दिया है। अब गंगा के जलस्तर की हर पल निगरानी होगी। अगर कहीं जलस्तर बढ़ा तो समीपवर्ती गांवों में एलर्ट जारी किया जाएगा।
गंगा की स्थिति पर जाएं तो गंगा जून में कभी स्थिर दिखाई नहीं दी है। जून माह के पिछले रिकार्ड देखें तो गंगा में सबसे कम 300 क्यूसेक पानी रहा है तो वर्ष 2013 में सर्वाधिक बाढ़ के हालात बने थे। इस माह की बास तारीख को जलस्तर 5,66,496 क्यूसेक तक पहुंच गया था। न्यूनतम स्तर पर गौर करें तो वर्ष 2010 में जून माह संवेदनशील रहा था, तब गंगा में 300 क्यूसेक पानी रह गया था। बाकी दिनों में भी गंगा ने इस महीने में काफी उतार-चढ़ाव का रूप दिखाया है। फिलहाल अभी गंगा में पानी चिंताजनक नहीं है, लेकिन पिछले हालात को देखें तो इस महीने को एलर्ट महीना कहा जा सकता है।
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बाढ़ सुरक्षा के व्यापक बंदोवस्त
जिले में गंगा की बाढ़ से बचाने के लिए चार प्रमुख बांध हैं। जिनसे बाढ़ पर काफी नियंत्रण हुआ है। इन चार बांधों में से दो बांध सहसवान और दो बांध दातागंज तहसील में आते हैं।
सहसवान तहसील
1. गंगा- महावा बांध 34.90 किमी
2. चंदनपुर-हुसैनपुर बांध 17.50 किमी
दातागंज त हसील
1. उसहैत बांध 17.00 किमी
2. उसावां बांध 10.50 किमी
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वर्ष 2010 से अब तक का जून में सर्वाधिक और न्यूनतम गंगा में जल की स्थिति-
जून, वर्ष 2010
सबसे कम जलस्तर 300 क्यूसेक
सबसे अधिक जलस्तर 600 क्यूसेक
जून, वर्ष 2011
सबसे कम 793 क्यूसेक
सबसे अधिक 11,550 क्यूसेक
जून, वर्ष 2012
सबसे कम 353 क्यूसेक
सबसे अधिक 9020 क्यूसेक
जून, वर्ष 2013
सबसे कम 355 क्यूसेक
सबसे अधिक 5,66,496 क्यूसेक
जून, वर्ष 2014
सबसे कम 355 क्यूसेक
सबसे अधिक 11655 क्यूसेक
जून, वर्ष 2015
सबसे कम 500 क्यूसेक
सबसे अधिक 1550 क्यूसेक
13 जून, वर्ष 2016 तक
सबसे कम 1550 क्यूसेक
सबसे अधिक 1550 क्यूसेक
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गंगा कब रौद्र रूप दिखा दे कुछ नहीं कहा जा सकता। बाढ़ सुरक्षा के प्रयास अभी से शुरू कर दिए गए हैं। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से सब ठीक है, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। गंगा के जलस्तर को रोजना रिकार्ड किया जा रहा है।
-अरविंद वर्मा, एक्सईएन, बाढ़ खंड