गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर से कटान शुरू हो गया है। गंगा के कटान ने अपनी जद में समग्र गांव जटा को भी ले लिया है। इस गांव में चार मकान ढह गए हैं और संपर्क मार्ग भी तीन मीटर कट गया है। खास बात यह है कि गांव में अभी तक कोई राजस्व अधिकारी नहीं पहुंचा है। एसडीएम दातागंज को जब इस बाबत जानकारी मिली तो उनका कहना है कि बाढ़ खंड अधिकारियों या किसी राजस्व अधिकारी ने इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी है।
गंगा के पार जिले के गांवों में जटा गांव है। यह समग्र गांव में चुना गया है। पिछले तीन दिनों से घट-बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के कारण कटान शुरू हो गया है। कटान में रेहान, गुड्डू, रब्बानी और एक अन्य के चार मकान गिर गए हैं। गत वर्ष भी इस गांव में कटान से दर्जन भर से अधिक मकान गिर गए थे। इन लोगों को शासन की और मकान की सुविधा दी गईं है। यह मकान गांव से करीब 200 मीटर दूरी पर बसे इसी गांव के दूसरे हिस्से में बनवाए जा रहे हैं। पहले से बसे गंाव पर गंगा कहर बनी हुई है। इस गांव में कटान जारी है। चार मकानों को ध्वस्त करने के बाद गंगा और भी कटान कर रही है। इससे अन्य मकानों को भी खतरा है। कटान का असर करीब 200 मीटर दूर बने गंाव के दूसरे भाग तक टक्कर मार रही है। इससे गांव के बाशिंदे बेहद सहमे हुए हैं।
कंपिल से गांव तक आने वाला संपर्क मार्ग भी गंगा ने करीब तीन मीटर काट दिया है। इससे कंपिल को जाने के रास्ते पर आवागमन बंद हो गया है। गंभीर बात यह है कि किसी राजस्व अधिकारी और बाढ़ खंड अधिकारी ने एसडीएम दातागंज तक सूचना नहीं दी है। दातागंज के एसडीएम ओपी तिवारी ने इस पर आश्चर्य जताया और कहा है कि वह गांव की स्थिति की जानकारी कराएंगे और ग्रामीणों की जो संभव होगा सहायता की जाएगी।
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गंगा में छोड़ा गया पानी क्यूसेक में
नरौरा डेम से 84,941
बिजनौर डैम से 67,930
हरिद्वार डैम से 98,891