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गंगा और रामगंगा उफनाईं तीन करोड़ का काम डूबा

Tue, 14 Jul 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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इस बार आए पानी से गंगा में पथरामई के पास और रामगंगा में नवादा मधुकर के पास चल रहे बाढ़ बचाव के काम भी डूब गए हैं। इन दोनों कामों पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इधर, गंगा और उसके बांधों के बीच बसे करीब दर्जनभर गांवों को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
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पहाड़ी क्षेत्र में बारिश का प्रभाव है जो गंगा उफन रही है। ऊपरी डेमों से पानी छोड़े जाने के कारण यहां यह हालात बने हैं। पिछले दिनों ही रामगंगा पर गंाव नवादा मधुकर को बचाने के लिए बचाव कार्य कराए जा रहे थे, वहीं उसहैत के पथरामई में भी बचाव कार्य चल रहे थे। दोनो कार्यों पर करीब डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपया खर्च हो चुका है। इसके बावजूद काम लटके रह गए। पिछली बार पानी अधिक आया तो काम हो नहीं सका और अबकी जो पानी आया है, उसने सभी काम डुबो दिए हैं। बाढ़ खंड ने काम काफी विलंब से शुरू किए थे। अब आगे का काम बाढ़ खंड इस सीजन में नहीं कर सकेगा। घटता-बढ़ता पानी इस रकम पर भी बट्टा लगा सकता है। पानी कम होने पर ही पता लगेगा कि अब तक किए दोनों स्थानों पर बचाव कार्य में कितना काम रह गया गया है और कितना नष्ट हो गया है।

संवेदनशील हैं कई स्थान और बांध
गंगा-महावा बांध पर टोंटपुर करसरी गांव के पास, चंदनपुर हुसैनपुर बांध पर खेड़ा गांव के पास, सरौता गांव के पास बांध और उसहैत में पथरामई जैसे संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रामगंगा का पानी नवादा मघुकर के पास तेजी से बढ़ रहा है। यहां भी बाढ़ खंड को खतरे की आशंका है।
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दर्जनभर गांवों में भर सकता है पानी
पानी के तेज गति से बढ़ने के साथ ही उनके दर्जन भर गांवों को खतरा पैदा हो गया है जो बांध और गंगा के बीच में बने हैं। गंगा-महावा बांध और उसहैत बांध, गंगा के मध्य दर्जन भर गांव ऐसे हैं जो एक लाख क्यूसेक पानी आने के बाद खतरे में पड़ जाते हैं। इन गांवों में पानी भर जाता है।

बाढ़ खंड की टीम ने की संवेदनशील जगहों की निगरानी
गंगा पर बने सभी उन स्थानों पर बाढ़ खंड के एक्सईएन इंतियाजुर्रहमान और उनके साथ एई ओर जेई ने निगरानी की जहां बाढ़ से खतरा माना जाता है। इन स्थानों को विभाग ने पहले से ही संवेदनशील घोषित किया है। एक्सईएन इंतियाजुर्रहमान का कहना है कि फिलहाल बढ़े हुए पानी से कोई खतरा नहीं है।

दो पुलों के एप्रोच नष्ट, आवागमन प्रभावित
बदायूं। सदर और दातागंज तहसील में दो पुलों के एप्रोच बह जाने के कारण इनसे जुड़े कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों ने अभी इनकी कोई सुध नहीं ली है।
सिलहरी। बिल्सी और बिसौली वालो रोड को मिलाने वाले रोड पर सोत नदी पर बने पुल का एप्रोच मार्ग कट जाने के कारण पुल से निकलना कठिन हो गया है। इधर का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।
दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव बक्सेना पर अरिल नदी पर बने रपटापुल के एप्रोच मार्ग कट जाने से रास्ता एकदम बंद हो चुका है। इन दोनो´ पुलों के एप्रोच ध्वस्त हो जाने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन मुश्किल हो गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से अभी तक इन पर कोई काम नहीं कराया गया है।
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