बदायू। बैराजों से शुक्रवार को सवा तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कछला में गंगा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बही। आने वाले 24 घंटे में इसमें इजाफा होने की उम्मीद है।
पहाड़ों पर होने वाली बारिश का असर गंगा में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, इसकी वजह से गंगा का जलस्तर खतरे की निशान से ऊपर है। शुक्रवार को कछला में गंगा का जलस्तर 162.25 मीटर रिकॉर्ड दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। शुक्रवार को नरौरा से 128716 क्यूसेक, बिजनौर से 122816 क्यूसेक व हरिद्वार से 88007 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में गंगा नदी किनारे बसे गांवों के लोगाें की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. वैभव शर्मा ने संबंधित एसडीएम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वहां पर रहने वाले ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, अगर कहीं पर नाव की जरूरत पड़े, तो तुरंत मुहैया कराई जाए, ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो, स्थानीय लोगों से भी संपर्क बनाए रखें।
खाने पीने का इंतजाम कर रहे ग्रामीण
- गंगा किनारे बसे गांवों के लोग चिंतित दिखाई दे रहे हैं। गंगा ऊफान पर आ गई है। ऐसे में किसी भी समय पानी गांवों की ओर रुख कर सकता है। गांव के लोग खाने पीने के सामान का अभी से इंतजाम भी कर रहे हैं। फिलहाल सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क किया गया है। अधिकारी ऐसे गांवों की निगरानी कर रहे हैं।
डीएम ने किया संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण
बदायूं। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को तहसील दातागंज के ग्राम पंचायत खेड़ा जलालपुर अंतर्गत मजरा जटा का निरीक्षण किया। उन्होंने पथरामई में कराए गए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया। वहीं मजरा जटा में राहत चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्राम जटा में कच्चा बांध बनाए जाने व सड़क को ऊंचा करने की मांग उठाई। जिस पर जिलाधिकारी ने उनको प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया।