उसहैत के गांव बछौरा में हो रहा कटान
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा असर दातागंज तहसील के उसहैत क्षेत्र के गांव बछौरा पर पड़ा है। यहां गंगा ने कटान तेज कर दिया है तो गांव को आने वाला मुख्य रास्ता बाढ़ के पानी में बह चुका है। अब यहां ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर रास्ता बना लिया है, लेकिन उन्हें आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के अजय, संजेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी के कारण रास्ते पर काफी कीचड़ फैल गई है, जिससे फिसलने का खतरा बना हुआ है। इधर क्षेत्र के गांव कमलेनगला, बेहटी के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। यहां के लोग काफी समय से दूसरे स्थानों पर रह रहे हैं। गनीमत ये है कि हल्के बुखार के अलावा यहां कोई बीमारी अभी तक नहीं फैली है। हालांकि गांव वालों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें यहां नहीं पहुंच रही हैं।
शुक्रवार को छोड़ा गया पानी
- नरौरा- 3,17,158 क्यूसेक
- बिजनौर- 1,41,351 क्यूसेक
- हरिद्वार- 1,33,290 क्यूसेक
नाव के सहारे निपट रहे काम
सहसवान तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव तौफिया नगला, परशुराम नगला, वीरसहाय नगला, भमरोलिया में भी बाढ़ का प्रभाव कम नहीं हो रहा है। वीरसहाय नगला में लोग अपने घर छोड़कर तटबंध पर रह रहे हैं। यदि उन्हें किसी काम से घरों तक जाना पड़ता है तो नाव ही उनका सहारा है। खेतों से लेकर सड़कों तक पानी भरा है।
बिजली की समस्या भी बनी हुई है तो सामान्य बुखार, चर्मरोग, आईफ्लू से भी लोग प्रभावित हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से बृहस्पतिवार को राहत सामग्री बांटी गई। लोगों का कहना है कि उनकी गन्ने की काफी फसल खराब होने के कगार पर है। अगर पानी कम नहीं हुआ तो रही सही फसल भी खराब हो जाएगी। पानी कम न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।