बदायूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ हरदोई से करेंगे। यह एक्सप्रेसवे बदायूं सहित प्रदेश के कई जिलों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। बदायूं जिले से करीब 95 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 195 गांवों को जोड़ेगा। इससे जिले में औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। जिले में भी पीएम के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा और एक जनसभा भी होगी। इसके लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी है।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इनमें बदायूं के 195 गांव शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही प्रदेश में विकास की नई राह खुलने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के सफर को आसान बनाएगा। इसके किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही उद्योग लगाने के अवसर मिल सकेंगे।
कुल 21 टोल प्लाजा होंगे
गंगा एक्सप्रेसवे पर कुल 21 टोल प्लाजा होंगे। इनमें दो मुख्य टोल प्लाजा मेरठ और प्रयागराज में प्रवेश/निकास बिंदुओं पर स्थित होंगे। इसके अतिरिक्त, एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के विभिन्न स्थानों पर 19 रैंप या अन्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं। यह टोल संरचना यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए यात्रा की लागत को स्पष्ट करती है। मेरठ से प्रयागराज तक एक तरफा यात्रा के लिए कार या जीप का प्रस्तावित टोल लगभग 1,515 रुपये होगा। बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए टोल लगभग 2,405 रुपये से 9,535 रुपये तक निर्धारित किया गया है। यह टोल दरें विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग होंगी।
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गंगा का प्रमुख एक्सप्रेसवे से जुड़ाव
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के चार बड़े एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। यह मेरठ-हापुड़ सड़क से होकर लोहियानगर के पास मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। इस जुड़ाव से दिल्ली से प्रयागराज की दूरी काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से उन्नाव और हरदोई के पास इंटरचेंज के जरिए इसे जोड़ा जा रहा है। 92 किलोमीटर लंबे फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे से भी इसका संपर्क होगा। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर एयरपोर्ट लिंक के माध्यम से भी यह कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।
डीएम ने किया संभावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण
एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के सभी जरूरी इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। इसमें यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। निर्माणाधीन होने के बावजूद, जहां वाहनों का आवागमन जारी है, वहां सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। जिले में होने वाले कार्यक्रम के लिए मंगलवार को डीएम ने संभावित स्थलों का हाल देखा। कार्यक्रम कहां होगा इसकी अधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जिले के बनकोटा, वजीरगंज व दातागंज तीन जगहों पर गंगा एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज बने है। इन्हीं में से किसी एक स्थान पर पीएम के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण व जनसभा होनी है। इसमें जिले के सभी जन प्रतिनिधि, अधिकारी व आम लोग भी शामिल होंगे।
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29 अप्रैल को हरदोई से गंगा एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ पीएम मोदी करेंगे। जिले में भी पीएम के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण होगा व एक जनसभा भी आयोजित की जा रही है। इसमें जन प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल का चयन करने की प्रक्रिया के साथ अन्य आवश्यक तैयारी की जा रही है।
अवनीश राय, डीएम