काम रुकने के बाद खड़ी भूमि समतल करने वाली मशीन। फाइल फोटो
- फोटो : BADAUN
बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के काम में भूमि की नए सिरे से पैमाइश के बाद तेजी आएगी। गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा और 95 किमी दूरी तय करेगा। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए सभी 85 गांवों में भूमि की नए सिरे से पैमाइश का काम चल रहा है।
एसजी इंफ्रा लिमिटेड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए दस अप्रैल से भूमि समतलीकरण का काम शुरू किया था। इसके साथ ही किसानों का विरोध भी होने लगा। दरअसल, एक्सप्रेस-वे निर्माण का काम शुरू करने के दौरान सीमा करते समय चूक हो गई। कई स्थानों पर गलत भूमि को चिह्नित कर काम शुरू कर दिया गया। बिसोली, दातागंज और तहसील सदर के गांवों में किसानों ने विरोध किया। कई स्थानों पर काम भी रुकवाया गया। मामला अधिकारियों तक पहुंचा इसके बाद नए सिरे से पैमाइश शुरू की गई।
नए सिरे से पैमाइश में दातागंज और बिसौली के गांवों में पाया गया कि जिन किसानों की जमीनों को एक्सप्रेस-वे में शामिल नहीं किया गया है वहां भी निशान लगाकर काम शुरू कर दिया गया, इसके साथ ही जिन किसानों की जमीन से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरना था उस जमीन को छोड़ दिया गया। दातागंज और बिसौली में इस तरह के मामले सबसे ज्यादा सामने आए। ऐसे में फिलहाल काम रोक कर नए सिरे से भूमि की पैमाइश चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि पैमाइश पूरी होने के बाद काम में तेजी जाएगी।
-
दातागंज के जिन गांवों में एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि पर गलत निशान लगा दिए गए थे उसमें काफी हद तक सुधार कर लिया गया है। काम लगभग पूरा हो चुका है। पैमाइश का काम पूरा होने के बाद किसी तरह का रुकावट नहीं आएगी। किसानों की सभी शिकायतें दूर करने का काम किया जा रहा है।
-रामशिरोमणि, एसडीएम दातागंज