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वजीरगंज के पांच, दातागंज के चार गांवों में काम प्रभावित

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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए समतल की जाती जमीन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कई स्थानों पर जमीन का बैनामा न होने के कारण गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि के समतलीकरण का काम फंस रहा है। अब तक वजीरगंज के पांच और दातागंज के चार गांवों में काम प्रभावित हो चुका है। किसानों के विरोध के कारण काम बीच-बीच में रोककर आगे बढ़ाया जा रहा है। अब वजीरगंज में बिसौली और दातागंज में डहरपुर कलां से रामगंगा की ओर समतलीकरण का काम शुरू किया गया है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसील के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। बदायूं में 95 किमी दूरी तय करने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए बदायूं में दस अप्रैल से भूमि पर निशान लगाने के साथ समतलीकरण का काम शुरू हुआ था। बिसौली तहसील के वजीरगंज क्षेत्र के गांव रोठा, वनकोटा, निनमा, करकटपुर, पस्तोर और दातागंज तहसील के गांव डहरपुर कलां, पापड़, दुधारी में अब तक विरोध सामने आ चुका है। सदर तहसील के बिनावर क्षेत्र के दो गांवों में भी किसान विरोध कर चुके हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन का अभी गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए बैनामा नहीं कराया गया है। वहीं कुछ किसानों का यह भी आरोप है कि बैनामा कराई गई जमीन से ज्यादा पर काम शुरू कर दिया गया है।
ऐसे में तहसील स्तर पर टीमों का गठन करने के साथ ही बैनामा प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। साथ ही दातागंज व वजीरगंज के विवाद वाले आठ गांवों में पैमाइश की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ताकि विवादों को जड़ से खत्म किया जा सके। एक्सप्रेस-वे के लिए काम शुरू होने के बाद सदर तहसील में दस किसानों से बैनामा कराया गया है। सबसे ज्यादा भूमि बिसौली और दातागंज तहसील में शेष है। दातागंज के 27 और बिसौली के 38 गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
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राजस्व टीम का गठन किया जा चुका है। जहां पर भी समस्या सामने आ रही है उसका निस्तारण किया जा रहा है। पैमाइश कराने के बाद ही काम शुरू कराने को कहा गया है। जिन किसानों के बैनामा नहीं हुए हैं उनके बैनामा की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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-राम शिरोमणि, एसडीएम दातागंज
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