बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत होने वाले धर्मस्थलों की जमीन को लेकर स्थिति साफ हो गई है। प्रशासन और यूपीडा ने अब मानक तय कर दिए हैं कि जिस धर्मस्थल की भूमि का गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण किया जाएगा, उस धर्मस्थल के फिर निर्माण के लिए दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे जिले में 92 किमी की दूरी तय करेगा। इसके लिए तहसील बिसौली में 37, दातागंज में 27, सदर में 18 और बिल्सी में दो गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। संरेखन और किसानों की सूची तैयार होने से पहले तक तय था कि एक्सप्रेस-वे तहसील सदर के 17 गांवों से होकर गुजरेगा, लेकिन अब यहां गांवों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। भूमि के रकबा में भी कुछ इजाफा हुआ है। तहसील सदर और दातागंज में अधिग्रहीत की जानी वाली जमीनों की सूची स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। तहसील बिसौली और बिल्सी में भूमि अधिग्रहण के लिए एक फरवरी से बैनामा प्रक्रिया चालू हो चुकी है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे की राह में आने वाली सरकारी संपत्तियों के पुनर्ग्रहण के लिए भी कार्रवाई चालू हो गई है।
एक्सप्रेस-वे की राह में कई धर्मस्थल, समाधियां आदि भी आ रहे हैं। इनको लेकर अब तक ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। यूपीडा की ओर से भी स्थिति साफ नहीं हो सकी थी। प्रशासनिक अधिकारी भी इस बारे में कुछ कहने से कतरा रहे थे। अब साफ हो गया है कि एक्सप्रेस-वे की राह में अगर कहीं पर कोई धर्मस्थल आता है तो उसका भी अधिग्रहण किया जाएगा। जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उस धर्मस्थल के लिए दूसरे स्थान पर भूूमि उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व विभाग की टीमें इसके लिए सूची बनाने के साथ धर्मस्थलों को चिह्नित करने में जुट गई हैं।
दातागंज और सदर में संपत्तियों के मूल्यांकन का काम जारी
तहसील बिसौली और बिल्सी के गांवों में संपत्तियों का मूल्यांकन पहले ही हो चुका है। यहां भूमि अधिग्रहण के लिए जमीनों के बैनामों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। तहसील सदर और दातांगज में संपत्तियों का मूल्यांकन भी किया जाना है। शासन स्तर से संबंधित जमीनों के अधिग्रहण की अनुमति मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर सदर और दातागंज तहसील में भी जमीनों के बैनामों की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। एसडीएम सदर लाल बहादुर ने बताया कि सदर तहसील में अब तक गांवों की संख्या 17 थी। अब यह बढ़कर 18 हो गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए सूची शासन को भेजी गई है। शासन की स्वीकृति मिलने का इंतजार है।
एक्सप्रेस-वे की राह में जो धर्मस्थल आदि आ रहे हैं उनका भी अधिग्रहण किया जाएगा। नियमानुसार धर्मस्थलों को दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। एक्सप्रेस-वे के लिए तय कार्य योजना के तहत ही काम किया जा रहा है। तहसील सदर और दातागंज में भी अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। - कुमार प्रशांत, डीएम